राज्य के शालेय खेलों की मेजबानी १५ जुलाई को यहां पर शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में तय होगी। अभी आधे जिलों से ही मेजबानी के दावे आए हैं। बाकी जिलों से मेजबानी के दावे आने के बाद खेलों के हिसाब से उनको अंतिम रूप देकर बैठक में रखा जाएगा। अभी ज्यादातर जिलों ने अपनी मेजबानी तय करके अपने जिलों के खेल कैलेंडर जारी भी कर दिया है।
प्रदेश में स्कूलों खेलों का आगाज सुब्रतो कप फुटबॉल से ९ जुलाई से हो रहा है। ऐसे में जबकि जिलों में खेल कैलेंडर बन गए हैं तो राज्य चैंपियनशिप का कैलेंडर बनाने की भी कवायद शिक्षा विभाग में चल रही है। इस बारे में सहायक संचालक (खेल) एसआर कर्ष ने बताया कि विभाग से २६ जून को ही सभी जिलों को पत्र भेज दिए थे कि वे जिन भी खेलों की मेजबानी चाहते हैं उनके बारे में जानकारी दें। ऐसे में अब तक उनके पास ९ जिलों रायपुर के साथ जगदलपुर, अम्बिकापुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, कबीरधाम, रायगढ़, दुर्ग और कांकेर की जानकारी आ गई है कि वे कौन से खेलों की मेजबानी चाहते हैं। लेकिन अब तक कोरिया, महासमुन्द, धमतरी, बलौदा बाजार, जशपुर, कोरबा, जांजगीर, बेमेतरा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर और रामानुजगंज की जानकारी नहीं आई है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों से जानकारी आने के बाद ही अंतिम फैसला किया जाएगा कि कौन सा खेल कहां होगा। उन्होंने बताया कि कई जिलों से एक ही खेल की मेजबानी का दावा आया है। जैसे जगदलपुर, अम्बिकापुर और राजनांदगांव वालीबॉल की मेजबानी चाहते हैं। कांकेर ने बैडमिंटन की मेजबानी मांगी है। अब देखना यह है कि कांकेर में राज्य स्तर की चैंपियनशिप करवाने के लायक कोर्ट हैं भी या नहीं। इन सभी बातों को देखने के बाद ही तय किया जाएगा कि किसको किस खेल की मेजबानी देनी है। उन्होंने बताया कि विधानसभा सत्र के पहले संभवत: १५ जुलाई को शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में सभी खेलों की मेजबानी तय हो जाएगी।
बुधवार, 8 जुलाई 2009
मंगलवार, 7 जुलाई 2009
राष्ट्रीय वालीबॉल की मेजबानी मांगी छत्तीसगढ़ ने
भिलाई २२ साल बाद राष्ट्रीय चैंपियनशिप करवाने बेताब
भिलाई स्टील प्लांट २२ साल बाद राष्ट्रीय वालीबॉल चैंपियनशिप कराने के लिए बेताब हो गया है। ऐसे में उसने सारी सुविधाओं के साथ चैंपियनशिप के लिए २५ लाख खर्च करने का भी वादा करते हुए मेजबानी लेने के लिए प्रदेश संघ को कहा है। अब प्रदेश संघ के प्रयास से राष्ट्रीय फेडरेशन से दो पर्यवेक्षक यहां आ रहे हैं जो भिलाई का दौरा करने के बाद अपनी रिपोर्ट देंगे इसके बाद मेजबानी तय होगी। वैसे छत्तीसगढ़ को मेजबानी मिलने का पूरा भरोसा है क्योंकि राज्य बनने के बाद प्रदेश संघ यहां पर दो राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन कर चुका है।
बीएसपी ने एक बार फिर से राष्ट्रीय वालीबॉल चैंपियनशिप करवाने के लिए कमर कस ली है। भिलाई में इसके पहले राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन १९८७ में हुआ था। इसके बाद से वहां पर वालीबॉल की राष्ट्रीय चैंपियनशिप नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ बनने के बाद दो बार राष्ट्रीय सीनियर चैंपियनशिप का आयोजन किया गया है। पहली बार २००१ में हुई चैंपियनशिप राजधानी रायपुर के नेताजी स्टेडियम में हुई थी। उस समय छत्तीसगढ़ के अलग होने का पहला ही साल था। इस चैंपियनशिप में जिस तरह से दर्शक आए और जैसा माहौल यहां पर खिलाडिय़ों के साथ अधिकारियों को मिला उससे सभी खुश होकर लौटे। इसके पांच साल बाद फिर से २००६ में राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन राजधानी रायपुर में ही किया गया। इस बार भी यह आयोजन जोरदार रहा। राजधानी में इन दो सफल आयोजनों के बाद अचानक भिलाई ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप करवाने का दावा किया है। उसके प्रबंधन ने बकायदा छत्तीसगढ़ वालीबॉल संघ को एक पत्र लिखा कर सूचित किया है कि वह मेजबानी लेने का इच्छुक है और इसके लिए सारी सुविधाएं भी देने तैयार हैं।
इस बारे में भिलाई के खेल एवं सांस्कृति विभाग के एजीएम पूर्व रणजी खिलाड़ी महमूद हसन ने पूछने पर बताया कि बीएसपी मेजबानी लेने के लिए तैयार है और इसके लिए करीब २५ लाख रुपए का बजट भी तय किया गया है। इसी के साथ खिलाडिय़ों के रहने और खाने की भी पूरी व्यवस्था की जा रही है। यहां पर मैच दो स्टेडियमों पंत स्टेडियम के साथ बॉल बैडमिंटन के स्टेडियम में मैच करवाने की योजना है। उन्होंने बताया कि उनको प्रदेश संघ से जानकारी मिली है कि १० जुलाई को राष्ट्रीय फेडरेशन के दो सदस्य आरआर पटेल (अहमदाबाद) जो कि फेडरेशन में संयुक्त सचिव हैं, इसी के साथ फेडरेशन के तकनीकी अधिकारी डी. मुखर्जी जो कि कोलकाता के हैं, वे यहां पर्यवेक्षक बनकर आ रहे हैं। ये दोनों अधिकारी यहां पर मैदानों के साथ रहने की व्यवस्था का जायजा लेंगे और बीएसपी प्रबंधन से बात करेंगे। इनकी रिपोर्ट के बाद ही मेजबानी तय होगी।
मेजबानी मिलने का भरोसा
प्रदेश संघ से जुड़े अधिकारियों को मेजबानी मिलने का भरोसा है। इनका कहना है कि जिस तरह से संघ ने यहां पर दो सफल आयोजन किए हैं उसके बाद लगता नहीं है कि मेजबानी नहीं मिलेगी। मेजबानी में सीनियर चैंपियनशिप को प्राथमिकता में रखा गया है। अगर सीनियर चैंपियनशिप नहीं मिलती है तो यूथ या फिर जूनियर चैंपियनशिप भी करवाने के लिए भिलाई तैयार है। मेजबानी के अन्य दावेदारों में मदुराई और ग्वालियर का भी नाम है। ऐसे में थोड़ा सा मुकाबला कड़ा है। इसलिए कोई भी चैंपियनशिप कराने के लिए भिलाई तैयार है।
रविवि को राष्ट्रीय महिला वालीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी
एक तरफ जहां भिलाई ओपन राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी मांग रहा है, वहीं दूसरी तरफ रविशंकर विश्व विद्यालय को महिला वालीबॉल की उत्तर-पूर्वी चैंपियनशिप के साथ अखिल भारतीय चैंपियनशिप की भी मेजबानी मिल गई है। यह पहला मौका है जब रविवि को महिला वालीबॉल की मेजबानी मिली है। इसके पहले बिलासपुर में जरूर यह चैंपियनशिप हो चुकी है। रविवि को एक बार छत्तीसगढ़ बनने के बाद पुरुष वर्ग राष्ट्रीय वालीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी मिल चुकी है। इस बार महिला वालीबॉल का आयोजन करने का जिम्मा दिया गया है। इस चैंपियनशिप में पहले उत्तर-पूर्वी चैंपियनशिप का आयोजन होगा इसके बाद अखिल भारतीय चैंपियनशिप होगी। यह चैंपियनशिप जनवरी २०१० में होगी। यही एक चैंपियनशिप है जो इस बार रविवि के हिस्से में आई है।
भिलाई स्टील प्लांट २२ साल बाद राष्ट्रीय वालीबॉल चैंपियनशिप कराने के लिए बेताब हो गया है। ऐसे में उसने सारी सुविधाओं के साथ चैंपियनशिप के लिए २५ लाख खर्च करने का भी वादा करते हुए मेजबानी लेने के लिए प्रदेश संघ को कहा है। अब प्रदेश संघ के प्रयास से राष्ट्रीय फेडरेशन से दो पर्यवेक्षक यहां आ रहे हैं जो भिलाई का दौरा करने के बाद अपनी रिपोर्ट देंगे इसके बाद मेजबानी तय होगी। वैसे छत्तीसगढ़ को मेजबानी मिलने का पूरा भरोसा है क्योंकि राज्य बनने के बाद प्रदेश संघ यहां पर दो राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन कर चुका है।
बीएसपी ने एक बार फिर से राष्ट्रीय वालीबॉल चैंपियनशिप करवाने के लिए कमर कस ली है। भिलाई में इसके पहले राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन १९८७ में हुआ था। इसके बाद से वहां पर वालीबॉल की राष्ट्रीय चैंपियनशिप नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ बनने के बाद दो बार राष्ट्रीय सीनियर चैंपियनशिप का आयोजन किया गया है। पहली बार २००१ में हुई चैंपियनशिप राजधानी रायपुर के नेताजी स्टेडियम में हुई थी। उस समय छत्तीसगढ़ के अलग होने का पहला ही साल था। इस चैंपियनशिप में जिस तरह से दर्शक आए और जैसा माहौल यहां पर खिलाडिय़ों के साथ अधिकारियों को मिला उससे सभी खुश होकर लौटे। इसके पांच साल बाद फिर से २००६ में राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन राजधानी रायपुर में ही किया गया। इस बार भी यह आयोजन जोरदार रहा। राजधानी में इन दो सफल आयोजनों के बाद अचानक भिलाई ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप करवाने का दावा किया है। उसके प्रबंधन ने बकायदा छत्तीसगढ़ वालीबॉल संघ को एक पत्र लिखा कर सूचित किया है कि वह मेजबानी लेने का इच्छुक है और इसके लिए सारी सुविधाएं भी देने तैयार हैं।
इस बारे में भिलाई के खेल एवं सांस्कृति विभाग के एजीएम पूर्व रणजी खिलाड़ी महमूद हसन ने पूछने पर बताया कि बीएसपी मेजबानी लेने के लिए तैयार है और इसके लिए करीब २५ लाख रुपए का बजट भी तय किया गया है। इसी के साथ खिलाडिय़ों के रहने और खाने की भी पूरी व्यवस्था की जा रही है। यहां पर मैच दो स्टेडियमों पंत स्टेडियम के साथ बॉल बैडमिंटन के स्टेडियम में मैच करवाने की योजना है। उन्होंने बताया कि उनको प्रदेश संघ से जानकारी मिली है कि १० जुलाई को राष्ट्रीय फेडरेशन के दो सदस्य आरआर पटेल (अहमदाबाद) जो कि फेडरेशन में संयुक्त सचिव हैं, इसी के साथ फेडरेशन के तकनीकी अधिकारी डी. मुखर्जी जो कि कोलकाता के हैं, वे यहां पर्यवेक्षक बनकर आ रहे हैं। ये दोनों अधिकारी यहां पर मैदानों के साथ रहने की व्यवस्था का जायजा लेंगे और बीएसपी प्रबंधन से बात करेंगे। इनकी रिपोर्ट के बाद ही मेजबानी तय होगी।
मेजबानी मिलने का भरोसा
प्रदेश संघ से जुड़े अधिकारियों को मेजबानी मिलने का भरोसा है। इनका कहना है कि जिस तरह से संघ ने यहां पर दो सफल आयोजन किए हैं उसके बाद लगता नहीं है कि मेजबानी नहीं मिलेगी। मेजबानी में सीनियर चैंपियनशिप को प्राथमिकता में रखा गया है। अगर सीनियर चैंपियनशिप नहीं मिलती है तो यूथ या फिर जूनियर चैंपियनशिप भी करवाने के लिए भिलाई तैयार है। मेजबानी के अन्य दावेदारों में मदुराई और ग्वालियर का भी नाम है। ऐसे में थोड़ा सा मुकाबला कड़ा है। इसलिए कोई भी चैंपियनशिप कराने के लिए भिलाई तैयार है।
रविवि को राष्ट्रीय महिला वालीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी
एक तरफ जहां भिलाई ओपन राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी मांग रहा है, वहीं दूसरी तरफ रविशंकर विश्व विद्यालय को महिला वालीबॉल की उत्तर-पूर्वी चैंपियनशिप के साथ अखिल भारतीय चैंपियनशिप की भी मेजबानी मिल गई है। यह पहला मौका है जब रविवि को महिला वालीबॉल की मेजबानी मिली है। इसके पहले बिलासपुर में जरूर यह चैंपियनशिप हो चुकी है। रविवि को एक बार छत्तीसगढ़ बनने के बाद पुरुष वर्ग राष्ट्रीय वालीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी मिल चुकी है। इस बार महिला वालीबॉल का आयोजन करने का जिम्मा दिया गया है। इस चैंपियनशिप में पहले उत्तर-पूर्वी चैंपियनशिप का आयोजन होगा इसके बाद अखिल भारतीय चैंपियनशिप होगी। यह चैंपियनशिप जनवरी २०१० में होगी। यही एक चैंपियनशिप है जो इस बार रविवि के हिस्से में आई है।
लेबल:
छत्तीसगढ़,
भिलाई,
राष्ट्रीय वालीबॉल
सोमवार, 6 जुलाई 2009
खिलाडिय़ों को नौकरी दिलाने वालीबॉल संघ पहल करेगा
प्रदेश वालीबॉल संघ की सालाना बैठक में खिलाडिय़ों को नौकरी दिलाने की अहम पहल करने का फैसला किया गया है। इसके लिए रेलवे और पुलिस विभाग से बात की जाएगी। बैठक में सब जूनियर और जूनियर चैंपियनशिप के लिए मेजबान भी तय किए गए।संघ की बैठक के बारे में जानकारी देते हुए महासचिव मो। अकरम खान ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष गजराज पगारिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला किया गया कि खिलाडिय़ों को नौकरी दिलाने के लिए संघ का एक प्रतिनिधि मंडल रेलवे के डीआरएम के साथ पुलिस के डीजी विश्वरंजन से मुलाकात करके वालीबॉल के खिलाडिय़ों को रेलवे और पुलिस में नौकरी देने की मांग करेगा। उन्होंने बताया कि नौकरी के अभाव में प्रदेश की प्रतिभाएं दम तोड़ रही है। अगर इनको नौकरी नहीं मिली तो खेल भी प्रभावित होगा। उन्होंने बताया कि वालीबॉल के लिए भी प्रायोजक तलाश करने का काम किया जाएगा। सरकार के सामने मांग रखी जाएगी कि वालीबॉल को भी किसी उद्योग को गोद दिलाने का काम किया जाए। यहां पर यह बताना लाजिमी होगा कि एक बार एक उद्योगपति को वालीबॉल को गोद दिलाने का काम किया गया था, उन्होंने आज तक वालीबॉल को कोई मदद नहीं की है।
श्री खान ने बताया कि जब तक वालीबॉल को भी बास्केटबॉल और हैडबॉल की तरह कोई गोद नहीं लेगा, सफलता मिलनी संभव नहीं है। उन्होंने कहा खिलाडिय़ों को जब तक लगातार एक स्थान पर अभ्यास करने का मौका नहीं मिलेगा खेल कैसे आगे बढ़ेगा। यह तो तभी संभव होगा जब खेल को कोई गोद लेगा। जब पैसे मिलेंगे तो पूरे प्रदेश के खिलाडिय़ों को एक स्थान पर रखकर उनको अभ्यास करवाया जाएगा।
राजनांदगांव में जूनियर चैंपियनशिप
बैठक में राज्य चैंपियनशिप के लिए मेजबान भी तय किए गए। जूनियर वर्ग की चैंपियनशिप का मेजबानी राजनांदगांव और सब जूनियर वर्ग की कोरबा को दी गई है। सीनियर वर्ग का फैसला अभी नहीं किया गया है। उन्होंने पूछने पर बताया कि भिलाई द्वारा राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी मांग जाने का प्रस्ताव राष्ट्रीय फेडरेशन को भेजा गया है, वहां से मेजबानी मिलने पर संघ चैंपियनशिप करवाने के लिए तैयार बैठा है।
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