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रविवार, 2 अगस्त 2009

खेल मंत्री आज जाएंगी दिल्ली

देश भर के खेल मंत्रियों का लगेगा जमावड़ा
प्रदेश की खेल मंत्री सुश्री लता उसेंडी रविवार को दिल्ली जाएंगी। वहां पर तीन अगस्त को सभी राज्यों के खेल मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक में वह शामिल होंगी। खेल मंत्री के साथ खेल सचिव सुब्रत साहू और संचालक जीपी सिंह भी साथ में जाएंगे। केन्द्रीय खेल मंत्री एमएस गिल केन्द्र सरकार की पाइका योजना पर सभी खेल मंत्रियों से चर्चा करेंगे।

केन्द्र सरकार इस समय पूरे देश में पाइका के नाम से एक योजना लेकर आई है। इस योजना में देश के हर गांव को १० साल के अंदर खेलों से जोडऩे की योजना है। इस योजना का पहला चरण प्रारंभ हो चुका है और ज्यादातर राज्यों में केन्द्र सरकार ने पहले साल के लिए इसका बजट भी दे दिया है। छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार से पहले साल में करीब १० करोड़ का बजट केन्द्र ने देने का आदेश जारी कर दिया है। इन पैसों से प्रदेश के ९८२ गांवों को पहले चरण में खेलों से जोड़ा जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस योजना के लिए दो करोड़ ६६ लाख का बजट दे दिया है। केन्द्र सरकार अब अपनी योजना को लेकर दिल्ली में तीन अगस्त को एक बैठक सभी राज्यों के खेल मंत्रियों के साथ करने जा रही है। इस बैठक में खेल मंत्रियों से केन्द्रीय खेल मंत्री एमएस गिल चर्चा करेंगे। बैठक में केन्द्रीय खेल सचिव के साथ खेल मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक में सभी राज्यों में पाइका योजना को गंभीरता से लागू करने पर चर्चा होगी। इसी के साथ सभी राज्यों के पास अपने राज्य में खेलों के विकास पर केन्द्रीय खेल मंत्री से चर्चा करने का अवसर रहेगा। वैसे छत्तीसगढ़ की खेल मंत्री लता उसेंडी पहले भी एक बार दिल्ली में केन्द्रीय खेल मंत्री से मुलाकात करके छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास पर चर्चा कर चुकी है। श्री गिल ने तब छत्तीसगढ़ को केन्द्र से पूरी मदद देने का आश्वासन भी दिया है। इस बार भी खेल मंत्री खेलों के विकास के लिए कुछ मुद्दे लेकर जा रही हैं जिन पर वह केन्द्रीय खेल मंत्री से चर्चा करेंगी।

शनिवार, 4 जुलाई 2009

खेलों के विकास के लिए केन्द्र करेगा मदद


केन्द्रीय खेलमंत्री गिल से लता उसेंडी की लंबी चर्चा
छत्तीसगढ़ को खेलों में जिस तरह की भी मदद की जरूरत है उसके लिए केन्द्र सरकार तैयार है। छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता के साथ भारतीय खेल प्राधिकरण की योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा। यह आश्वासन केन्द्रीय खेलमंत्री एमएस गिल से प्रदेश की खेलमंत्री सुश्री लता उसेंडी को दिया। दोनों मंत्रियों के बीच एक घंटे से भी ज्यादा समय तक हुई चर्चा में केन्द्रीय मंत्री ने एक-एक बिन्दु पर गंभीरता से चर्चा की है। राजनांदगांव के साई सेंटर को भी जल्द प्रारंभ करने का आश्वासन दिया है।
दिल्ली में केन्द्रीय खेलमंत्री से चर्चा करने के बाद सुश्री उसेंडी ने दूरभाष पर चर्चा करते हुए बताया कि वह जिस उम्मीद के साथ केन्द्रीय खेलमंत्री के पास मदद के लिए आई थीं, वह उम्मीद पूरी हुई है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में साई द्वारा राजनांदगांव में जो ४० करोड़ की लागत से सेंटर बनाया जा रहा है, मुख्य रूप से उसको जल्द प्रारंभ करवाना लक्ष्य था। इसमें सफलता मिली है। केन्द्रीय खेलमंत्री ने इसके लिए जल्द बजट देने की बात की है और कहा है कि इसके अलावा साई की जितनी भी योजनाएं छत्तीसगढ़ में प्रारंभ करवाई जाएंगी, उनमें मदद करेंगे। श्री गिल के कहने पर ही योजनाओं के बारे में साई के निदेशक सयान चटर्जी से खेल संचालक जीपी सिंह ने लंबी चर्चा की।

सुश्री उसेंडी ने बताया कि श्री गिल के साथ उनकी एक-एक बिंदु पर चर्चा हुई है। श्री गिल को यह जानने में विशेष रूचि थी कि छत्तीसगढ़ खेलों के विकास के लिए क्या कर रहा है। उनको प्रदेश सरकार की प्रतिभा खोज योजना के बारे में विस्तार के बताया गया कि किस तरह से सरकार प्रतिभावान खिलाडिय़ों की खोज करके उनको गोद लेने की योजना पर काम कर रही है। श्री गिल से इन खिलाडिय़ों के लिए साई के सेंटरों में प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की भी चर्चा की गई। इस योजना के लिए उन्होंने साई से मदद दिलाने की बात कही। श्री गिल के सामने छत्तीसगढ़ में साई का एनआईएस कोच का प्रमाणपत्र कोर्स भी प्रारंभ करवाने का एक प्रस्ताव रखा गया।

उन्होंने सारे प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करके मदद करने की बात कही है। सुश्री उसेंडी ने बताया कि राजनांदगांव के सेंटर की आधारशिला रखने का न्यौता भी श्री गिल को दिया गया है। केन्द्र सरकार की पाइका योजना पर भी चर्चा की गई। इस योजना के लिए प्रदेश सरकार ने अपना बजट दे दिया है। अब केन्द्र सरकार ने भी पहले चरण के लिए कुछ बजट छत्तीसगढ़ को भेज दिया है। प्रदेश सरकार राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का भी प्रस्ताव भारतीय ओलंपिक संघ के पास भेजने वाली है, ऐसे में राष्ट्रीय खेलों के लिए केन्द्र से क्या-क्या मदद मिल सकती है इस पर भी चर्चा की गई। सुश्री उसेंडी ने बताया कि कुल मिलाकर श्री गिल का रूख छत्तीसगढ़ के प्रति काफी सकारात्मक है और वे केन्द्र से हर संभव मदद दिलाने को तैयार हैं।

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