अखिल भारतीय क्रास कंट्री में खेलने जाने वाली रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय की टीम तय कर दी गई है। यह टीम दिसंबर में होने वाली स्पर्धा में खेलने के लिए पंथनगर उत्तराखंड जाएगी।
यह जानकारी देते हुए रविवि शारीरिक शिक्षा विभाग की संचालक रीता वेणुगोपाल ने बताया कि रविवि के कॉलेजों के बीच राजिम में हुई क्रास कंट्री स्पर्धा के बाद रविवि की टीम बनाई गई है। इस स्पर्धा में महिला वर्ग के लिए ६ किलो मीटर की दौड़ रखी गई थी। इस वर्ग में पहले छह स्थानों पर रहने वाली खिलाड़ी दल्लीराजहरा की ओमेश्वरी, सुनीति निषार, अनिता यादव, रायपुर की राजकुमारी, पाटन की तृप्ति और रराजनांदगांव की भारती साहू का चयन किया गया है। इसी तरह से पुरुष वर्ग में १२ किलो मीटर की स्पर्धा के पहले ९ स्थानों पर रहने वाले रायपुर के सुरेश साहू, उमेश कुमार, भिलाई के रामेश्वर, पाटन के अमित कुमार, सुराना कॉलेज के प्रकाश चन्द्राकर, बालकदास, योगेन्द्र राजिम कॉलेज के होरीलाल का चयन किया गया है।
शुक्रवार, 3 सितंबर 2010
गुरुवार, 2 सितंबर 2010
स्कूल ३००, हॉकी की तीन टीमें भी नहीं
देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी का रायपुर जिले के स्कूलों में यह हाल है कि जिले के ३०० स्कूलों में से तीन स्कूलों में भी हॉकी की टीमें नहीं हैं। बुधवार को जब रायपुर जिले की टीमों का चयन ट्रायल आयोजित किया गया तो यहां पर बालक वर्ग में जहां रायपुर के साथ गरियाबंद की टीमें आईं, वहीं बालिका वर्ग में रायपुर के साथ माना बस्ती की ही टीमें आईं। गरियाबंद में ८ सितंबर से होने वाली संभागीय स्पर्धा के लिए अंडर १४, १७ और अंडर १९ की बालक और बालिका टीमों का चयन ट्रायल बुधवार को राजकुमार कॉलेज में आयोजित किया गया। इस चयन ट्रायल में यह देखने को मिला कि रायपुर की तो तीनों वर्गों की टीमें आई थीं। लेकिन अन्य स्थानों से कोई टीमें नहीं आई थी। गरियाबंद से अंडर १४, १७ और १९ की बालक टीमें आई थीं। बालिका वर्ग में माना बस्ती की टीमें थीं। इनके बीच ही मैचों का आयोजन करके रायपुर की टीमें बनाने की खानापूर्ति की गई। कुछ स्थानों से पूरी टीमें न होने पर खिलाडिय़ों को भेजा गया था। रायपुर जिले के जिला खेल अधिकारी (स्कूली शिक्षा) सीएस बघेल का कहना है कि विभाग में खेलों का कैलेंडर बनाने के बाद जिले के सभी स्कूलों को भेजने के बाद यह हाल है कि कोई भी स्कूल टीमें भेजने में रूचि ही नहीं लेता है। इधर खेलों के जानकार कहते हैं कि शिक्षा विभाग हॉकी क्या किसी भी खेल में गंभीरता से ध्यान नहीं देता है। अगर गंभीरता से ध्यान दिया जाए तो हर खेल में कई टीमें निकल सकती है। इसका उदाहरण देते हुए जानकार बताते हैं कि स्कूल स्तर की जब कोई क्लब स्पर्धा करवाता है तो उसमें कैसे टीमें खेलने आज जाती हैं, लेकिन स्कूलों की स्पर्धा में टीमें क्यों नहीं आ पाती है यह सोचने वाली बात है।
सालेम की आसान जीत
स्वर्गीय नीरज अग्रवाल स्मृति अंतर शालेय फुटबाल में पहले मैच में सालेम स्कूल ने आसानी से द्रोणाचार्य को ३-० से मात दी। एक अन्य मैच में दिशा जूनियर कॉलेज ने सेंट जोसेफ को १-० से हराया।
स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स के आउटडोर स्टेडियम में चल रही स्पर्धा में पहला मैच सालेम स्कूल और द्रोणाचार्य के बीच खेला गया। इस मैच में पूरी तरह से सालेम स्कूल के खिलाडिय़ों का दबदबा रहा। मैच में पहला गोल खेल के तीसरे ही मिनट में नीरज ने दागा। इसके एक मिनट बाद ही ललित ने दूसरा गोल कर दिया। मैच में तीसरा गोल खेल के ८वें मिनट में निशांत ने किया। इसके बाद एकतरफा जहां सालेम की तरफ से ज्यादा प्रयास नहीं हुए, वहीं द्रोणाचार्य ने गोल करने की कोशिश जरूर की, लेकिन उसके खिलाड़ी सालेम की रक्षापंक्ति को भेद नहीं सके।
दूसरे मैच में दिशा जूनियर कॉलेज और सेंट जोसेफ के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। इस मैच में पहले हॉफ में दोनों टीमें काफी प्रयासों के बाद गोल नहीं कर सकी। दूसरे हॉफ में दिशा कॉलेज ने प्रारंभ से हमले किए जिसके फलस्वरूप उसे ३६वें मिनट में तब सफलता मिल गई जब पार्थ दीवान ने गोल कर दिया। इसके बाद सेंट जोसेफ ने बराबरी पाने पूरा जोर लगाया, पर उसके खिलाड़ी सफल नहीं हो सके। तीसरे मैच में माना बस्ती का महर्षि स्कूल से कड़ा मुकबला हुआ। इसमें निर्धारित समय तक कोई गोल न होने पर मैच का फैसला करने के लिए टाईब्रेकर का सहारा लिया गया जिसमें माना की टीम ३-० से जीता।
स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स के आउटडोर स्टेडियम में चल रही स्पर्धा में पहला मैच सालेम स्कूल और द्रोणाचार्य के बीच खेला गया। इस मैच में पूरी तरह से सालेम स्कूल के खिलाडिय़ों का दबदबा रहा। मैच में पहला गोल खेल के तीसरे ही मिनट में नीरज ने दागा। इसके एक मिनट बाद ही ललित ने दूसरा गोल कर दिया। मैच में तीसरा गोल खेल के ८वें मिनट में निशांत ने किया। इसके बाद एकतरफा जहां सालेम की तरफ से ज्यादा प्रयास नहीं हुए, वहीं द्रोणाचार्य ने गोल करने की कोशिश जरूर की, लेकिन उसके खिलाड़ी सालेम की रक्षापंक्ति को भेद नहीं सके।
दूसरे मैच में दिशा जूनियर कॉलेज और सेंट जोसेफ के बीच कांटे का मुकाबला हुआ। इस मैच में पहले हॉफ में दोनों टीमें काफी प्रयासों के बाद गोल नहीं कर सकी। दूसरे हॉफ में दिशा कॉलेज ने प्रारंभ से हमले किए जिसके फलस्वरूप उसे ३६वें मिनट में तब सफलता मिल गई जब पार्थ दीवान ने गोल कर दिया। इसके बाद सेंट जोसेफ ने बराबरी पाने पूरा जोर लगाया, पर उसके खिलाड़ी सफल नहीं हो सके। तीसरे मैच में माना बस्ती का महर्षि स्कूल से कड़ा मुकबला हुआ। इसमें निर्धारित समय तक कोई गोल न होने पर मैच का फैसला करने के लिए टाईब्रेकर का सहारा लिया गया जिसमें माना की टीम ३-० से जीता।
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