सप्रे स्कूल में मंगलवार की शाम अंडर १९ साल के एक मुकाबले में विवेकानंद विद्यापीट ने निहालिक ध्रुव के तीन गोलों की मदद से लिटिल फ्लावर पर ४-० से आसान जीत प्राप्त कर अगले चक्र में प्रवेश किया। अन्य मैचों में होलीक्रास, माता सुंदरी, सेंट जोसेफ के साथ छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल ने भी अपने अपने मैच जीते।
शेरा क्रीड़ा समिति द्वारा आयोजित स्वर्गीय वीके चौबे स्मृति अंतर शालेय राज्य फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोलों की बारिश अंडर १९ साल के मैच में देखने को मिली। विवेकानंद विद्यापीठ और लिटिल फ्लावर के बीच हुए इस मैच में पूरी तरह से विवेकानंद के निहालिक ध्रुव छाए रहे। उन्होंने ८वें, १२वें और २३वें मिनट में गोल किए। एक गोल बीच में १४वें मिनट में मगराज ने किया जिसके कारण निहालिक की हैट्रिक नहीं हो सकी। अंडर १९ साल के एक और मैच में सेंट जोसेफ स्कूल ने टाईब्रेकर में बालाजी स्कूल को २-१ से मात दी। इसके पहले अंडर १४ साल के पहले मैच में होलीक्रास कांपा ने आदर्श विद्यालय को २-० से मात दी। मैच का पहला गोल खेल के ८वें मिनट में आदित्य ने और दूसरा गोल २९वें मिनट में के अपूर्व ने किया। अंडर १७ साल के पहले मैच में माता सुंदरी स्कूल ने टाईब्रेकर में मदर्स प्राइड को ३-१ से हराया। मैच में निर्धारित समय में मुकाबला एक-एक से बराबर था। मैच का पहला गोल विजेता टीम के यशपाल ने खेल के १०वें मिनट में किया। पराजित टीम को बराबरी दिलाने वाला गोल खेल के २८वें मिनट में रमेश राजगढ़ ने किया था। दूसरे मैच में छत्तीसगढ़ स्कूल ने सेवारम द्वारा चौथे मिनट में किए गए गोल की मदद से आदर्श स्कूल को १-० से मात दी।
दूसरे चक्र के लिए बैठक
आयोजक शेरा क्लब के संस्थापक मुश्ताक अली प्रधान ने बताया कि स्पर्धा में पहले चक्र के मुकाबलों के बाद अब दूसरे चक्र के मुकाबलों के लिए सभी टीमों के कोच और मैनजरों की एक बैठक क्लब में बुधवार शाम पांच बजे रखी गई है। बैठक में सभी का आना अनिवार्य है।
आज के मैच
अंडर १४ साल में सेंट जेवियर बनाम आदर्श स्कूल टाटीबंध २.०० बजे, रेयान बनाम स्वामी विवेकानंद स्कूल २.४५। अंडर १७ साल सेंट जेवियर बनाम गुजराती स्कूल, आदर्श टाटीबंध बनाम लंत ज्ञानेश्वर। अंडर १९ साल देशबन्धु बनाम सेंट जेवियर, आदर्श टाटीबंध बनाम सरस्वती ज्ञानोदय।
विवेकानंद की दोहरी जीत
इधर आज ब्लाक स्तरीय सुब्रतो कप फुटबॉल में विवेकानंद विद्यापीठ की अंडर १४ और १७ साल की टीमों ने खिताब जीत लिए। अंडर १४ के फाइनल में विवेकानंद ने राजकुमार कॉलेज को २-० और अंडर १७ साल के फाइनल में होलीक्रास कांपा को १-० से मात दी। अब बुधवार से राजकुमार कॉलेज में जिला स्तरीय स्पर्धा होगी।
ज
बुधवार, 4 अगस्त 2010
मंगलवार, 3 अगस्त 2010
एक धावक दौड़ेगा ६० मीटर
राजधानी रायपुर में होने वाली बैटन रिले के लिए ८० पाइंट बना दिए गए हैं। अब पाइंट के साथ धावकों की संख्या भी ८० हो गई है। ऐसे में अब एक धावक को महज ६० मीटर ही बैटन लेकर दौडऩे का मौका मिलेगा। इधर चार अगस्त को होने वाले रिहर्सल की तैयारी में खेल विभाग जुटा है। वैसे तो अब तक धावकों की सूची जारी नहीं की गई है, लेकिन संभावित सूची को ही लगभग तय मानकर धावकों को सूचना भेजने का काम किया जा रहा है, ताकि ऐन वक्त पर परेशानी न हो।
कामनवेल्थ की बैटन रिले को लेकर एक तरफ खेल विभाग तो बहुत ज्यादा गंभीर है, लेकिन लगता है कि खेल संघ इसमें ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं। रायपुर के पहले भिलाई में रविवार को हुए रिहर्सल के लगभग फेल होने की खबर है। ऐसे में अब राजधानी के खेल विभाग ने और ज्यादा गंभीरता से इस दिशा में ध्यान प्रारंभ कर दिया है कि कहीं राजधानी में भी भिलाई जैसा हाल न हो जाए। भिलाई में तय धावकों में से आधे भी नहीं आ पाए थे। इधर राजधानी की रिले के लिए भले खेल विभाग ने अब तक धावकों की सूची जारी नहीं की है, लेकिन राजधानी का खेल विभाग संभावित धावकों की सूची को एक तरह से तय मानकर इस सूची में रखे गए खिलाडिय़ों को चार अगस्त की रिहर्सल में आने के लिए आमंत्रित कर रहा है। इसी के साथ धावकों के किसी कारणवश न आ पाने की स्थिति में उसकी वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। किसी भी हालत में रिहर्सल में ८० धावक बैटन लेकर दौड़ेंगे इसका पूरा इंतजाम किया गया है। पूर्व में राजधानी में महज २५ पाइंट बनाए गए थे, लेकिन कुछ दिनों पहले शासन द्वारा यह तय किया गया कि अब राजधानी में पूरा का पूरा ८० का कोटा खिलाडिय़ों को दिया जाएगा, ऐसे में अब ८० पाइंट बनाने पड़े हैं। दो दिनों की भारी मशक्कत के बाद अब ८० पाइंट तय कर दिए गए हैं। अब इन पाइंट में पहले से तय पाइंट के स्कूलों के छात्रों के साथ खेल संघों को बाट दिया गया है। यह पहले से लग रहा था कि पाइंट बढ़ेेंगे ऐसे में एक-एक पाइंट में पहले से तीन-तान स्कूलों के साथ तीन-तीन खेल संघों को रखा गया था, अब एक-एक पाइंट में एक-एक स्कूल और एक-एक खेल संघ के पदाधिकारी रहेंगे।
कामनवेल्थ की बैटन रिले को लेकर एक तरफ खेल विभाग तो बहुत ज्यादा गंभीर है, लेकिन लगता है कि खेल संघ इसमें ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं। रायपुर के पहले भिलाई में रविवार को हुए रिहर्सल के लगभग फेल होने की खबर है। ऐसे में अब राजधानी के खेल विभाग ने और ज्यादा गंभीरता से इस दिशा में ध्यान प्रारंभ कर दिया है कि कहीं राजधानी में भी भिलाई जैसा हाल न हो जाए। भिलाई में तय धावकों में से आधे भी नहीं आ पाए थे। इधर राजधानी की रिले के लिए भले खेल विभाग ने अब तक धावकों की सूची जारी नहीं की है, लेकिन राजधानी का खेल विभाग संभावित धावकों की सूची को एक तरह से तय मानकर इस सूची में रखे गए खिलाडिय़ों को चार अगस्त की रिहर्सल में आने के लिए आमंत्रित कर रहा है। इसी के साथ धावकों के किसी कारणवश न आ पाने की स्थिति में उसकी वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। किसी भी हालत में रिहर्सल में ८० धावक बैटन लेकर दौड़ेंगे इसका पूरा इंतजाम किया गया है। पूर्व में राजधानी में महज २५ पाइंट बनाए गए थे, लेकिन कुछ दिनों पहले शासन द्वारा यह तय किया गया कि अब राजधानी में पूरा का पूरा ८० का कोटा खिलाडिय़ों को दिया जाएगा, ऐसे में अब ८० पाइंट बनाने पड़े हैं। दो दिनों की भारी मशक्कत के बाद अब ८० पाइंट तय कर दिए गए हैं। अब इन पाइंट में पहले से तय पाइंट के स्कूलों के छात्रों के साथ खेल संघों को बाट दिया गया है। यह पहले से लग रहा था कि पाइंट बढ़ेेंगे ऐसे में एक-एक पाइंट में पहले से तीन-तान स्कूलों के साथ तीन-तीन खेल संघों को रखा गया था, अब एक-एक पाइंट में एक-एक स्कूल और एक-एक खेल संघ के पदाधिकारी रहेंगे।
रिले में नेटबॉल के दो दर्जन खिलाड़ी
राजधानी रायपुर में होने वाली बैटन रिले के तय किए खिलाडिय़ों में सबसे ज्यादा दो दर्जन खिलाड़ी नेटबॉल के हैं। इन खिलाडिय़ों में जहां चार अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नेहा बजाज, प्रीति बंछोर, भावना खंडारे, कंचन सहस्त्रबुद्धे शामिल हैं, वहीं प्रदेश संघ के सचिव और हनुमान सिंह पुरस्कार से सम्मानित संजय शर्मा भी शामिल हैं।
राजधानी में होने वाले बैटन रिले में एक समय यह हालत थी कि एक खेल से एक ही खिलाड़ी को मौका मिलने की बात की जा रही थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है और जहां एक ही खेल के कई खिलाडिय़ों को मौका मिल रहा है, वहीं सबसे ज्यादा नेटबॉल के २४ खिलाडिय़ों को बैटन लेकर दौडऩे का अवसर मिलने वाला है। यह इसलिए संभव हुआ है क्योंकि नेटबॉल की जूनियर टीम को जहां शहीद कौशल यादव पुरस्कार मिला है, वहीं सीनियर टीम को शहीद राजीव पांडे पुरस्कार मिल चुका है। बैटन धावकों के लिए तय किए नामों में पहली प्राथमिकता राज्य के पुरस्कार प्राप्त खिलाडिय़ों को दी जा रही है। ऐसे में ही सबसे ज्यादा फायदा नेटबॉल के खिलाडिय़ों को हुआ है।
नेटबॉल खिलाडिय़ों को मौका मिलने से संघ के सचिव और हनुमान सिंह पुरस्कार प्राप्त संजय शर्मा बहुत ज्यादा खुश है। वे कहते हैं कि इसमें कोई दो मत नहीं है कि हमारे खेल में ही सबसे ज्यादा मेहनत हो रही है। उन्होंने कहा कि नेटबॉल में ही राज्य में ऐसा एक मात्र खेल है जिनकी दो खिलाड़ी नेहा बजाज और प्रीति बंछोर पिछले ढाई साल से कामनवेल्थ खेलों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हैं। अभी ये शिविर दिल्ली में चल रहा है।
राजधानी में होने वाले बैटन रिले में एक समय यह हालत थी कि एक खेल से एक ही खिलाड़ी को मौका मिलने की बात की जा रही थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है और जहां एक ही खेल के कई खिलाडिय़ों को मौका मिल रहा है, वहीं सबसे ज्यादा नेटबॉल के २४ खिलाडिय़ों को बैटन लेकर दौडऩे का अवसर मिलने वाला है। यह इसलिए संभव हुआ है क्योंकि नेटबॉल की जूनियर टीम को जहां शहीद कौशल यादव पुरस्कार मिला है, वहीं सीनियर टीम को शहीद राजीव पांडे पुरस्कार मिल चुका है। बैटन धावकों के लिए तय किए नामों में पहली प्राथमिकता राज्य के पुरस्कार प्राप्त खिलाडिय़ों को दी जा रही है। ऐसे में ही सबसे ज्यादा फायदा नेटबॉल के खिलाडिय़ों को हुआ है।
नेटबॉल खिलाडिय़ों को मौका मिलने से संघ के सचिव और हनुमान सिंह पुरस्कार प्राप्त संजय शर्मा बहुत ज्यादा खुश है। वे कहते हैं कि इसमें कोई दो मत नहीं है कि हमारे खेल में ही सबसे ज्यादा मेहनत हो रही है। उन्होंने कहा कि नेटबॉल में ही राज्य में ऐसा एक मात्र खेल है जिनकी दो खिलाड़ी नेहा बजाज और प्रीति बंछोर पिछले ढाई साल से कामनवेल्थ खेलों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हैं। अभी ये शिविर दिल्ली में चल रहा है।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)