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शुक्रवार, 2 सितंबर 2011

रायपुर, जबलपुर जीते

अंतर साई वालीबॉल में बालिका वर्ग के मुकाबलों में मेजबान रायपुर के साथ जबलपुर की खिलाड़ियों ने जोरदार खेल दिखाते हुए अपने-अपने मैच जीत लिए। इसी के साथ रायपुर और जबलपुर की खिलाड़ियों ने जोन की टीम में स्थान बनाने की अपनी दावेदारी भी मजबूत कर ली।
इंडोर स्टेडियम में चल रहे मुकाबलों में सुबह के सत्र में जबलपुर की ए टीम ने रायपुर को आसानी से सीधे सेटों में 25-12, 25-15, 25-17 से परास्त किया। जबलपुर की बी टीम ने भोपाल को 25-19, 25-17, 25-13 से हराया। जबलपुर की ए टीम ने अपना विजयक्रम जारी रखते हुए भोपाल को कड़े मुकाबले में 25-14, 25-21, 21-25, 25-23 से मात दी। शाम के सत्र में पहले मैच में मेजबान रायपुर ने भोपाल को सीधे सेटों में 25-28, 25-23, 25-18 से हराया। तीसरे सेट में रायपुर की टीम ने 5-10 से पीछे होने के बाद वापसी की और सेट के साथ मैच जीत लिया।
साई सेंटर के प्रभारी एसएस भदोरिया ने बताया कि मैचों में प्रदर्शन के आधार पर 12 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। चयन सूची शुक्रवार को जारी करने के बाद शनिवार से प्रशिक्षण शिविर लगाया जाएगा। बालक वर्ग में रायपुर और भोपाल की टीम ही होने के कारण इनके बीच मैच कराया गया। बालकों की सूची भी कल जारी होगी।

गुरुवार, 1 सितंबर 2011

रायपुर ने जीता पहला मैच

राजधानी में पहली बार खेली जा रही अंतर साई वालीबॉल स्पर्धा में पहला मैच मेजबान रायपुर की बालिका टीम ने जीता। स्पर्धा में रायपुर के साथ जबलपुर और भोपाल की बालक-बालिका टीमें खेल रही हैं। प्रदर्शन के आधार पर सेंट्रल जोन की टीम चुनी जाएगी।
इंडोर स्टेडियम में बुधवार की शाम स्पर्धा का प्रारंभ हुआ। प्रदेश वालीबॉल संघ के सचिव मो. अकरम खान ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और मैच शुरू किया गया। पहले मैच में रोमांचक मुकाबला देखने को मिला।
यह मैच रायपुर ने चार सेंटों में 25-14, 13-25, 25-17, 25-17 से जीता।
स्पर्धा के बारे में साई सेंटर रायपुर के प्रभारी एसएस भदोरिया ने बताया कि जबलपुर की दो बालिका और एक बालक टीम, भोपाल सेंटर की एक-एक टीम और रायपुर सेंटर की एक बालक और बालिका टीम खेल रही है। जबलपुर में बालकों की संख्या कम होने के कारण वहां से कुछ खिलाड़ी ट्रायल में शामिल होने आए हैं। स्पर्धा में मुकाबलों के बाद प्रदर्शन के आधार पर बालक और बालिकाओं की टीम का चयन करके उनका प्रशिक्षण शिविर 3 सितंबर से लगाया जाएगा। 10 सितंबर को अंतिम टीम घोषित करके केरल भेजी जाएगी, जहां पर 13 सिंतबर से राष्ट्रीय स्पर्धा होनी है।
जूनियरों के लिए खुशखबरी
प्रदेश संघ के मो. अकरम खान ने बताया कि जूनियर खिलाड़ियों के लिए भारतीय वालीबॉल फेडरेशन ने एक बदलाव करते हुए अब खिलाड़ियों को सीनियर चैंपियनशिप में खेलने के बाद फिर से जूनियर चैंपियनशिप में खेलने की इजाजत दे दी है। पहले जूनियर खिलाड़ी सीनियर चैंपियनशिप में खेलने के बाद फिर से जूनियर चैंपियनशिप में नहीं खेल पाते थे। यह फैसला चेन्नई में हुई फेडरेशन की वार्षिक बैठक में किया गया है।

बुधवार, 31 अगस्त 2011

अंतर साई वालीबॉल आज से

राजधानी में पहली बार अंतर साई वालीबॉल का आयोजन किया गया है। स्पर्धा में मेजबान रायपुर के साथ तीन टीमें भाग लेंगी। बालक और बालिका वर्ग के मुकाबलों के बाद सेंट्रल जोन की टीम का चयन किया जाएगा जो राष्ट्रीय साई चैंपियनशिप में खेलने जाएगी। स्पर्धा के लिए इंडोर स्टेडियम को तैयार किया गया है।
इंडोर स्टेडियम में मंगलवार की शाम वालीबॉल का कोर्ट तैयार करने का काम एनआईएस कोच एवं साई सेंटर के प्रभारी एसएस भदोरिया से मार्गदर्शन में कोच रवीन्द्र और अभय के साथ खिलाड़ियों ने किया। कोर्ट तैयार होने के बाद रायपुर सेंटर के बालक और बालिका खिलाड़ियों ने जमकर अभ्यास किया। दोनों टीमों को एसएस भदोरिया के साथ भारोत्तोलन के एनआईएस कोच गजेन्द्र पांडे ने किट दी और खिलाड़ियों से कहा कि बुधवार से प्रारंभ होने वाले मैच में जीतना है और रायपुर के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करके जोन की टीम में स्थान बनाना है।
स्पर्धा के बारे में श्री भदोरिया ने बताया कि स्पर्धा में रायपुर के साथ जबलपुर और भोपाल साई सेंटर की बालिका के साथ बालकों की टीम खेलने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो तीनों टीमों के बीच मुकाबले होंगे, लेकिन इसको हम स्पर्धा न मानकर एक तरह से ट्रायल मान रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन टीमों के बीच मुकाबले का मतलब नहीं होता है, जब तक स्पर्धा में चार टीमें नहीं होती हंै, पहला, दूसरा और तीसरा स्थान देना ठीक नहीं होता है। उन्होंने बताया कि 31 और 1 सितंबर को मैचों के बाद चुनी गई टीम का एक सप्ताह का प्रशिक्षण शिविर रायपुर में 3 से 10 सिंतबर लगेगा इसके बाद यहां से टीम केरल में होने वाली राष्ट्रीय स्पर्धा में खेलने जाएगी। जूडो की टीम का चयन सात सितंबर को किया जाएगा।


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