शनिवार, 20 अगस्त 2011
खेल संचालक के अधिकार पर गाज
खेल विभाग में उपसचिव खेल एवं युवा कल्याण विभाग के हस्ताक्षर से एक पत्र आया है जिसमें लिखा है कि अधोसंरचना मद से कोई भी राशि इस पत्र के बाद स्वीकृत न की जाए और सभी प्रकरण मंजूरी के लिए विभाग को भेजे जाएं। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि खेल संचालक को इस मद से 50 हजार तक की राशि मंजूर करने के अधिकार हैं। लेकिन इस पत्र के बाद अब उनके अधिकार पर गाज गिर गई है। इस पत्र के आने के कुछ समय पहले ही खेलमंत्री द्वारा लिखी गई नोटशीट भी विभाग में आई थी जिसमें मंत्री ने साफ लिखा था कि अधोसंरचना मद में कोई भी राशि स्वीकृत करने से पहले उनकी मंजूरी लेनी आवश्यक है। इस नोट शीट के बाद अब विभाग में उपसचिव का एक पत्र भी आ गया है।
इस मामले में खेलमंत्री लता उसेंडी का कहना है कि उन्होंने खेल संचालक के अधिकार पर कोई रोक नहीं लगाई है, उनके अधिकार यथावत हैं और वे अपने अधिकार का उपयोग कर सकते हैं।
गुरुवार, 11 अगस्त 2011
खेल पुरस्कारों के 84 दावेदार
प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के राज्य खेल पुरस्कारों के लिए 84 दावेदारों से आवेदन किए हैं। आवेदनों की छटनी का काम पूरा हो गया है। अब आवेदनों को समिति के सामने रखा जाएगा।
खेल विभाग राज्य के जूनियर, सीनियर खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षकों को भी हर साल 29 अगस्त को खेल दिवस के दिन खेल अलंकरण से सम्मानित करता है। इस बार जूनियर खिलाड़ियों के पुरस्कार शहीद कौशल यादव के लिए 26 आवेदन आए हैं। इस पुरस्कार में एक लाख की नकद राशि दी जाती है। सीनियर खिलाड़ियों को दो लाख पच्चीस हजार वाले शहीद राजीव पांडे पुरस्कार के लिए 21 खिलाड़ियों ने आवेदन किए हैं। खेल प्रशिक्षकों और निर्णायकों को दिए जाने वाले एक-एक लाख के वीर हनुमान सिंह पुरस्कार के लिए 12 दावेदार हैं। इन पुरस्कारों के अलावा जो खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने में सफल नहीं होते हैं लेकिन लगातार पांच साल सीनियर वर्ग में खेलते हैं, उनको शहीद पंकज विक्रम पुरस्कार दिया जाता है। पुरस्कार के साथ 25 हजार की राशि दी जाती है। इस पुरस्कार के लिए 16 खिलाड़ियों ने आवेदन किए हैं। लाइफटाइम एच्युमेंट अवार्ड के रुप में दिए जाने वाले खेल विभूति सम्मान के लिए 9 पुराने खिलाड़ियों ने आवेदन किए हैं।
खेल संचालक जीपी सिंह ने बताया कि आवेदनों की छटनी का काम पूरा हो गया है। अब चयन समिति के गठन के बाद पात्र उम्मीदवारों की सूची समिति के सामने रखकर पुरस्कार तय किए जाएंगे। शहीद कौशल यादव, राजीव पांडे, और पंकज विक्रम में पांच-पांच खिलाड़ियों को पुरस्कार के लिए चुना जाता है। हुनमान सिंह पुरस्कार के लिए एक निर्णायक और एक प्रशिक्षक का चयन किया जाता है। खेल विभूति सम्मान में संख्या तय नहीं है।बुधवार, 6 जुलाई 2011
रायपुर से खेल पुरस्कारों के 24 दावेदार
खेल विभाग 29 अगस्त को जूनियर, सीनियर खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षकों, निर्णायकों को खेल पुरस्कार देकर सम्मानित करता है। इन पुरस्कारों के लिए 30 जून तक आवेदन मंगाए गए थे। राजधानी के वरिष्ठ खेल अधिकारी राजेन्द्र डेकाटे ने बताया कि जिले से खेल पुरस्कारों के लिए जो आवेदन आए हैं, उनमें शहीद राजीव पांडे पुरस्कार के लिए नेटबॉल की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नेहा बजाज, अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलक अजय दीप सारंग, अनिता शिंदे, बॉडी बिल्डिंग के सचिन मिश्रा, राजकिशोर झा और कराते के हितेश कुमार साहू शामिल हैं। शहीद कौशल यादव पुरस्कार के लिए देवंतीन निषाद, आकांक्षा सोनी, सरिता यादव, नेहा निषाद, शालिनी यादव (सभी फुटबॉल), नीरज शुक्ला (कराते), आकाश चौबे (साफ्ट टेनिस), सुमित राय चौधरी (बॉडी बिल्डिंग), केशव साहू (भारोत्तोलन)। शहीज पंकज विक्रम पुरस्कार के लिए विनय बैसवाड़े (टेबल टेनिस), मनोज धृतलहरे, मोंटी तिड़के (साफ्टबॉल), सुरेश सिंह, रानू थापा (वालीबॉल), फारूख मोहम्मद खान (कैरम)। खेल विभूति के लिए चन्द्रभान शुक्ला, एसएम नेमा और संजय दुबे ने दावेदारी पेश की है।
श्री डेकाटे ने पूछने पर बताया कि प्रशिक्षकों और निर्णायकों को दिए जाने वाले वीर हनुमान सिंह पुरस्कार के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है। उन्होंने बताया कि सारे आवेदनों को खेल संचालनालय भेजा जाएगा। वहां से पात्र-अपात्र का चयन होने के बाद दावेदारों के नाम पुरस्कार के लिए बनाई जाने वाला चयन समिति के सामने रखे जाएंगे।
सोमवार, 6 जून 2011
हॉकी का भी प्रशिक्षण केन्द्र शुरू
खेल एवं युवा कल्याण विभाग में नियुक्त की गई हॉकी की एनआईएस कोच रश्मि तिर्की ने पहल करते हुए साइंस कॉलेज के मैदान में हॉकी का प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ कर दिया है। इस प्रशिक्षण केन्द्र में एक दर्जन खिलाड़ियों को वह सुबह के सत्र में रोज प्रशिक्षण देने का काम कर रही हैं। उनके साथ हॉकी के ही एनआईएस कोच राकेश टोपो भी खिलाड़ियों को खेल के गुर सिखाने में मदद कर रहे हैं। वैसे साइंस कॉलेज के इस मैदान में खेल विभाग की हॉकी के दो मैदान बनाकर बालक और बालिका खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण देने की योजना है। हॉकी के प्रशिक्षण के लिए सामान भी मंगा लिया गया है, लेकिन खेल संचालक जीपी सिंह के ट्रेनिंग में जाने की वजह से मैदान निर्माण नहीं हो पा रहा है। श्री सिंह दो माह बाद लौटेंगे। ऐसे में हॉकी की प्रशिक्षक रश्मि तिर्की ने सोचा कि समय खराब करना बेकार है और उन्होंने बिना गोल पोस्ट और मैदान की मार्किंग किए बिना ही पुलिस मैदान में अभ्यास करने वाली कुछ जूनियर और सीनियर खिलाड़ियों को एकत्रित करके प्रशिक्षण केन्द्र का आगाज कर दिया है। रश्मि कहती हैं कि जब खिलाड़ियों को तैयार करना है तो इसके लिए इंतजार क्या करना। खेल विभाग में मेरी नियुक्ति हुई है तो मुझे काम करना ही है, लंबे समय तक खाली बैठने की मतलब नहीं है, ऐसे में मैंने विभाग के अधिकारियों से बात करके अस्थाई रुप से मैदान प्रारंभ कर दिया है।
खेल संचालक जीपी सिंह ने साइंस कॉलेज के मैदान में तीरंदाजी का तो नियमित प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ करा दिया है। इसके बाद हॉकी और वालीबॉल के प्रशिक्षकों की नियुक्ति के साथ उन्होंने दोनों खेलों के नियमित प्रशिक्षण केन्द्र की योजना बना रखी है, लेकिन उनके ट्रेनिंग में जाने के कारण यह योजना अटकी हुई है, उनके वापस आने पर ही इस योजना पर सही तरीके से अमल होगा।
रविवार, 5 जून 2011
आज सम्मानित होंगे खिलाड़ी
वरिष्ठ खेल अधिकारी राजेन्द्र डेकाटे ने बताया कि रायपुर जिले में रायपुर के साथ 6 विकासखंडों में कुल 20 खेलों का प्रशिक्षण शिविर 15 मई से 4 जून लगाया गया। इन शिविरों में बास्केटबॉल के 150, टेनीक्वाइट के 140, ताइक्वांडो के 120, वालीबॉल के 70, हॉकी के 30, हैंडबॉल के 55, कराते के 40, बैडमिंटन के 50, फुटबॉल के 150, जंप रोप के 40, वूशू के 65, जूडो के 25, नेटबॉल के 85, थ्रोबॉल के 50, कबड्डी के 50, टेबल टेनिस के 90, साफ्टबॉल के 50, तीरंदाजी के 45 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसी तरह से तिल्दा में 100, धरसीवां में 50, फिंगेश्वर में 50, भाटापारा में 50,गरियाबंद में 50, कसडोल में 100, आरंग में 30 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण शिविरसमापन समारोह में के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग के अध्यक्ष अशाोक बजाज होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सुभाष तिवारी करेंगे।
शनिवार, 21 मई 2011
राजधानी में 20 खेलों का प्रशिक्षण शिविर
यह जानकारी देते हुए राजधानी के वरिष्ठ खेल अधिकारी राजेन्द्र डेकाटे ने बताया कि रायपुर में वालीबॉल, बास्केटबॉल, हॉकी (महिला), एथलेटिक्स का प्रशिक्षण पुलिस मैदान में, फुटबॉल, टेबल टेनिस, बैडमिंटन सप्रे स्कूल , तीरंदाजी साइंस कॉलेज, कराते साहू भवन बैरन बाजार, नेटबॉल खालसा स्कूल, जूडो बालाजी स्कूल, ताइक्वांडो शासकीय स्कूल मठपुरैना, टेनीक्वाइट राष्ट्रीय विद्यालय और सरस्वती स्कूल, साफ्टबॉल रविवि मैदान, भारोत्तोलन नेताजी स्टेडियम जिम, हैंडबॉल शासकीय स्कूल मोवा, कबड्डी प्रगति मैदान पंडरी, जंप रोप, कैरम एमजीएम स्कूल, वूशू सरस्वती स्कूल, म्यूथाई जनवासा लायंस क्लब में दिया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर सुबह 5.30 से 8 और शाम कोे 4.30 से 6.30 बजे तक चल रहे हैं। सभी शिविरों के लिए खेल संघों के साथ खेल शिक्षकों की भी मदद ली गई है। सभी शिविर 4 जून तक चलेंगे। श्री डेकाटे ने बताया कि वालीबॉल का शिविर गरियाबंद, तिल्दा, कसडोल, फुटबॉल का गरियाबंद, कसडोल, भाटापारा में चलाया जा रहा है।
गुरुवार, 23 दिसंबर 2010
अनुदान नियम बदलने की तैयारी
खेल संचालक जीपी सिंह ने बताया कि प्रदेश के अनुदान नियम उतने सरल नहीं हैं जितने होने चाहिए। नियमों की जटिलता के कारण बहुत परेशानी होती है और विभाग को लगातार खिलाडिय़ों और खेल संघों से शिकायतें मिलती रहती हैं। इसी को देखते हुए विभाग ने मप्र के नियम मंगाए हैं जिनका अध्ययन किया जा रहा है। श्री सिंह ने कहा कि मप्र के नियम बहुत ही सरल हैं। उन्होंने बताया कि इन नियमों के अध्ययन के बाद अगर जरूरी लगेगा तो अन्य राज्यों के भी नियम मंगाकर उनका अध्ययन किया जाएगा। पूछने पर उन्होंने बताया कि प्रदेश के अनुदान नियम ऐसे बनाए जाने की तैयारी है जिससे किसी को परेशान न हो और इन नियमों का खिलाडिय़ों को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो सके। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि पुरस्कार नियमों में संशोधन की तैयारी चल रही है। इसके लिए भी मप्र के नियम मंगाए गए हैं। मप्र में अंकों पर आधारित प्रणाली से पुरस्कार दिए जाते हैं जो कि सही नियम है। छत्तीसगढ़ में भी पुरस्कारों को अंक पर आधारित बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
गुरुवार, 9 दिसंबर 2010
बारिश में खेल नहीं हुआ फेल
राजधानी में सुबह से हो रही बारिश के कारण खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ खेल संघों के पदाधिकारी परेशान रहे कि आखिर इस खराब मौसम में कैसे आयोजन किया जाए। लेकिन इतना होने के बाद भी इन्होंने हार नहीं मानी और व्यक्तिगत खेलों के मुकाबलों के लिए इंडोर हॉल की व्यवस्था की गई। इसी के साथ आउटडोर खेलों में तैराकी, नेटबॉल और फुटबॉल के मुकाबले भी करवाने में सफलता मिली।
नतीजों पर एक नजर
कराते:-५० किलो बालिका प्रथम निधी डहाके (रायपुर), द्वितीय निर्मला ध्रुव (महासमुन्द)। ५५-६० किलो प्रथम दीक्षा औसर (रायपुर), द्वितीय पूजा नेताम (महासमुन्द)। बालक- ५५ किलो प्रथम राजू धीवर (रायपुर), द्वितीय प्रवेश टेकाम (धमतरी), तृतीय हेमंत कुमार ध्रुव (महासमुन्द)। ५५-६० किलो प्रथम प्रेम कुमार नेताम (महासमुन्द), द्वितीय रवि यादव (रायपुर)। ६०-६५ किलो विजय निषाद (रायपुर), द्वितीय चन्द्रशेखर बांधे (धमतरी)। ६५-७० किलो- सूरज यादव (रायपुर)।
भारोत्तोलन- ५६ किलो प्रथम मधु सूदन जंघेल, द्वितीय भूपेन्द्र मार्कंडेय। ६२ किलो प्रथम केशव साहू, द्वितीय राजेन्द्र साहू। ६९ किलो प्रथम रुस्तम सारंग, द्वितीय सुंदर सारंग। ७७ किलो प्रथम अजय दीप सारंग, द्वितीय हिंगेश साहू। ९४ किलो प्रथम ललिल साहू। १०५ किलो प्रथम जितेश्वर सोनकर। १०५ से ज्यादा प्रथम शहबाज अली। महिला ४८ किलो प्रथम निशा निषाद, द्वितीय नूतन साहू। ५३ किलो प्रथम मनीषा रामटेके, द्वितीय चंदारानी साहू। ५८ किलो प्रथम भारती साहू।
तैराकी- फ्रीस्टाइल ५० मीटर प्रथम वीरसिंह फरिकार, द्वितीय नरेन्द्र धीवर। १०० मीटर प्रथम उमेश धीवर, द्वितीय वीरसिंह फरिकार। २०० मीटर और ४०० मीटर में प्रथम उमेश धीवर, द्वितीय विकास देवांगन। ८०० मीटर प्रथम उमेश फरिकार, द्वितीय डोमन फरिकार। बैक स्ट्रोक ५० मीटर प्रथम धनेश्वर फरिकार, द्वितीय राजेन्द्र यदु। १०० मीटर प्रथम राजेन्द्र यदु, द्वितीय धनेश्वर फरिकार। २०० मीटर प्रथम विकास देवांगन, द्वितीय धनेश्वर फरिकार। ब्रेस्ट स्ट्रोक ५० मीटर प्रथम गणेश यदु, द्वितीय अजय रंजन दास। १०० मीटर प्रथम कुशल धीवर, द्वितीय जय आदित्य सिंह। बटर फ्लाई ५० मीटर प्रथम वीरसिंह फरिकार, द्वितीय धनेश्वर फरिकार। १०० मीटर प्रथम वीरसिंह फरिकार, द्वितीय विपिन शर्मा। २०० मीटर प्रथम उमेश धीवर। व्यक्तिगत मिडले २०० मीटर प्रथम वीरसिंह फरिकार, द्वितीय विकास देवांगन। ४०० मीटर प्रथम विकास देवांगन, द्वितीय नरेन्द्र धीवर।
महिला- फ्रीस्टाइल ५० और १०० मीटर में- प्रथम शिवांगी ठाकुर, द्वितीय आयुशी शुक्ला। बैक स्ट्रोक ५० और १०० मीटर प्रथम आयुशी शुक्ला, द्वितीय प्रियंका पटेल। २०० मीटर प्रथम आयुशी शुक्ला। बेस्ट स्ट्रोक ५०, १०० और २०० मीटर प्रथम प्रियंका पटेल।
फुटबॉल: सप्रे स्कूल में खेले हए फुटबॉल मैचों में पहले मैच में जशपुर ने धमतरी को ५-० से मात दी। विजेता टीम के लिए रामकुमार और अनिल ने दो-दो और समीर ने एक गोल किया। दूसरे मैच में नारायणपुर ने महासमुन्द को ५-० से मात दी। फुटबॉल के संयोजक मुश्ताक अली प्रधान ने बताया कि गुरुवार को एनआईटी का मुकाबला नारायणपुर से और रायपुर का जशपुर से होगा। दोनों टीमों की विजेता टीमों के बीच फाइनल मैच होगा। महिला वर्ग में रायपुर ने जशपुर को ३-० से मात देकर खिताब जीत लिया। विजेता टीम के लिए डाली क्षत्री ने दो और सुप्रिया कुकरेती ने एक गोल किया।
सोमवार, 7 जून 2010
सही पदोन्नति को गलत बताया
विश्वजीत मित्रा ने एक विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि खेल विभाग में उपसंचालक के पद पर कार्यरत ओपी शर्मा ने नियमों के विरूद्ध पदोन्नति ली है। उनका आरोप है कि द्वितीय Ÿोणी के अधिकारी से प्रथम श्रेणी के अधिकारी पर पदोन्नत होने के लिए उस समय के खेल सचिव एमएस मूिर्त के साथ मिलकर उन्होंने विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक के बिना ही खेल सचिव को पैसे देकर पदोन्नति ले ली। श्री मित्रा का कहना है कि उस समय २६ अक्टूबर २००२ में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की पदोन्नति नियम बन गए थे और इसकी अधिसूचना प्रकाशित हो गई थी।
इस सारे मामले में उपसंचालक (खेल) ओपी शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मेरे ऊपर जो भी आारोप लगाए गए सभी दुर्भानावश लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पदोन्नति दरअसल में तदर्थ पदोन्नति है। बकौल श्री शर्मा जब उनको अप्रैल २००३ में तदर्थ पदोन्नति दी गई थी उस समय जहां लोक सेवा आयोग के पदोन्नति नियम नहीं बने थे, वहीं विभागीय पदोन्नति समिति की बैठकों पर रोक लगी हुई थी। उन्होंने बताया कि श्री मित्रा का यह कहना गलत है कि विभागीय पदोन्नति के नियम अक्टूबर २००२ में बन गए थे। उन्होंने राजपत्र की प्रति दिखाते हुए बताया कि ये नियम सितंबर २००३ में बने हैं। इसी के साथ उन्होंने बताया कि जब किसी भी अधिकारी को तदर्थ पदोन्नति दी जाती है, उस समय विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक जरूरी नहीं होती है, लेकिन तदर्थ पदोन्नति के लिए बैठक अनिवार्य नहीं होती है। यह बैठक उस स्थिति में अनिवार्य होती है जब नियमित पदोन्नति दी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पदोन्नति नियमों के खिलाफ भी नहीं है। उन्होंने बताया कि सेवा भर्ती नियमों स्पष्ट लिखा है कि पांच साल तक क्षेत्रीय खेल अधिकारी रहने वाले अधिकारी उपसंचालक के पद पर पदोन्नति पाने के पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि मैं तो १२ साल तक क्षेत्रीय खेल अधिकारी के पद पर रहा हूं।
श्री शर्मा ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उन पर गलत तरीके के पदोन्नति लेने का आरोप लगाने वाले विश्वजीत मित्रा के खिलाफ वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।
गुरुवार, 27 मई 2010
बजट कम फिर भी प्रशिक्षण शिविरों में दम
खेल विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन हर जिले में किया जाता है। रायपुर जिले में हमेशा सबसे ज्यादा खेलों के खिलाडिय़ों को निखारने का काम जिला खेल विभाग द्वारा किया जाता है। इस बार भी रायपुर में २० खेलों का प्रशिक्षण शिविर लगाया गया है। इस खेलों में करीब १५ सौ खिलाड़ी खेल के गुर सीख रहे हैं। वालीबॉल में १५५, फुटबॉल में २०५, एथलेटिक्स में ५०, बास्केटबॉल में १८५, साफ्टबॉल में ११५, हैंडबॉल में ५५, हॉकी में ५७, कराते में १००, भारोत्तोलन में २५, जूडो में ५५, टेनीक्वाइट में ८०, जंपरोप में ४०, म्यूथाई में ४०, नेटबॉल में १००, ताइक्वांडो में ३५, टेबल टेनिस में ९०, कबड्डी में ४०, जिम्नास्टिक में २०, वुशू में ४०, बैडमिंटन में ५० खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
वालीबॉल का प्रशिक्षण अजीत कुट्टन, स्मृित साव, अभय गणोरकर, सूरज महाडिक, एथलेटिक्स का रवि धनगर, बास्केटबॉल का उमेश सिंह ठाकुर, गुरचरन रहेजा, भाटापारा में शरद पंसारी, फुटबॉल का मुश्ताल अली प्रधान, सरिता कुजूर, साफ्टबॉल का आलोक मिश्रा, आरिफ खान, निंगराज रेड्डी, संजू शुक्ला, कमलेश कश्यप, हैंडबॉल का सुकचंद वर्मा, कमलेश, सुनील भोई, हॉकी का नजीर अहमद, रश्मि तिर्की, कराते का अजय साहू, तुलसी सपहा, भारोत्तोलन का तेजा साहू, जूडो का नीलम तिवारी, टेनीक्वाइट का प्रियंका साहू, वरूण पांडे, मोहन कुमार, म्यूथाई का अनिस मेमन, नेटबॉल का सुधीर वर्मा, भावा खंडारे, ताइक्वांडो का कुमार विश्वकर्मा, विष्णु साहू, टेबल टेनिस का विनय बैसवाडे, मोहन आप्टे, अरविंद मिश्रा, कबड्डी का पीजी उमाठे, कासीराम ध्रुव, बुद्धेश्वरी, वुशू का सुहैल हैदरी, रेणु तिवारी, बैडमिंटन कविता दीक्षित, जिम्नास्टिक का उदय सिंह ठाकुर दे रहे हैं।
रायपुर में चल रहे प्रशिक्षण शिविरों के लिए विभागों से एक लाख का राशि मिली है। राशि कम होने के बाद भी राजधानी में ज्यादा मैदानों में खिलाडिय़ों को निखारने का काम किया जा रहा है। बजट को लेकर हमेशा परेशानी रही है राजधानी में ज्यादा खिलाड़ी होने के कारण यहां पर हर खेल का प्रशिक्षण शिविर लगाना पड़ता है, जिस खेल का शिविर नहीं लगता है उस खेल के खिलाड़ी नाराज हो जाते हैं। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा खेलों का शिविर लगाना जरूरी हो जाता है, लेकिन इसके लिए उतना बजट विभाग से नहीं मिल पाता है। पिछले साल भी कम बजट के कारण ऐसा लग रहा था कि खेलों का दम न निकल जाए, लेकिन बाद में बजट दे दिया गया था। इस बार पिछली बार से बजट कम मिला है।
गुरुवार, 13 मई 2010
प्रशिक्षण शिविर १५ से
यह जानकारी देते हुए राजधानी के वरिष्ठ खेल अधिकारी राजेन्द डेकाटे ने बताया कि गीष्मकालीन शिविर के लिए खेलों और मैदानों के साथ प्रशिक्षकों का चयन कर लिया गया है। वालीबॉल, बास्केटबॉल का पुलिस मैदान में, एथलेटिक्स का स्पोट्र्स कॉप्पलेक्स में, फुटबॉल का सप्रे स्कूल में, हैंडबॉल मोवा में, साफ्टबॉल रविवि के मैदान में, हॉकी पुरुष नेताजी स्टेडियम में, महिला हॉकी पुलिस मैदान में, भारोत्तोलन नेताजी स्टेडियम के जिम में, नेटबॉल खालसा स्कूल और सेंटपाल स्कूल में, जूडो बालाजी स्कूल, कराते शीतला मंदिर टिकरापारा में, टेनीक्वाइट आदर्श स्कूल में, टेबल टेनिस, बैडमिंटन सप्रे स्कूल में, वूशू शिवाजी स्कूल में, ताइक्वांडो गंज स्कूल में, कबड्डी पीजी मराठे स्कूल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का समय सुबह को ६ से ८.३० और शाम को ५ से ७ बजे होगा।
मंगलवार, 16 मार्च 2010
9 जिलों की मिली बाइक
प्रदेश के सभी जिला कार्यालयों को विभाग ने एक-एक बाइक देने की योजना बनाई थी। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने 10 मोटर सायकलें खरीदी हैं। अब इनको 9 जिलों में दिया गया है। रायपुर जिले के साथ एक बाइक खेल संचालनालय के लिए रखी गई है ऐसे में रायपुर जिले को दो बाइक मिली है। एक बाइक खेल संचालनालय के लेखा विभाग को एक बाइक जिला खेल अधिकारी राजेन्द्र डेकाटे को दी गई है। इसके अलावा दुर्ग के ए. एक्का, बिलासपुर के भी ए. एक्का, कांकेर की प्रतिमा सागर, सरगुजा के देनवाथ एक्का, जशपुर के पीके प्रधान, जांजगीर चांपा के एसएन बघेल, दंतेवाड़ा के रविन्द्र झा, जगदलपुर के अशोक राय को बाइक दी गई है। सभी जिलों को बाइक देने से पहले सभी जिला खेल अधिकारियों के डाइविंग लायसेंस की फोटो कापी मंगाई गई थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी बाइक चलाने के पात्र हैं।
जिन जिलों को बाइक मिली है, उनके बारे में अब ऐेसा माना जा रहा है कि वहां पर पायका के काम में तेजी आएगी। पायका के लिए जानकारी जुटाने सभी जिला खेल कार्यालयों को किसी तरह के वाहन के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब वाहन मिलने से दूर-दूर गांवों में जाकर पायका के लिए जानकारी जुटाने में परेशानी नहीं होगी।
मंगलवार, 19 जनवरी 2010
उत्कृष्ट खिलाडिय़ों की पात्रता जिले में ही तय हो जाएगी
प्रदेश के खेल विभाग द्वारा राज्य के खिलाडिय़ों को रोजगार दिलाने के लिए उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया जाता है। पहले चरण में ७० खिलाडिय़ों का चयन किया जा चुका है। अब फिर से २००९-१० के लिए खिलाडिय़ों का चयन किया जाना है। इसके लिए खेल विभाग ने खिलाडिय़ों से आवेदन मंगवाए हैं। इस बार खेल संचालनालय से सभी जिलों के खेल अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं वे जिला अधिकारी ही पात्र खिलाडिय़ों की सूची तैयार करके खेल संचालनालय को भेजें। इसके पहले सारे आवेदन खेल संचालनालय भेज दिए गए हंै। वहां पात्र खिलाडिय़ों का चयन करने में काफी समय लग गया था। वैसे भी उत्कृष्ट खिलाडिय़ों की पहली खेप का चयन करने में बहुत ज्यादा विलंब हुआ था। इस बार किसी भी तरह का विलंब न हो इसी बात को ध्यान में रखते हुए खेल संचालक जीपी सिंह ने सभी जिलों को यह कहा है कि वे ही अपने जिलों में पहले आवेदन पत्रों की जांच कर ले कि कौन से खिलाड़ी उत्कृष्ट खिलाडिय़ों के नियमों में खरे उतर रहे हैं।
हर जिले से पात्र खिलाडिय़ों की सूची आने के बाद सूची को जारी करने में समय नहीं लगेगा। पात्र खिलाडिय़ों का अंतिम चयन करके सामान्य प्रशासन को भेजा जाएगा, जहां से सूची की जाएगी।
सोमवार, 18 मई 2009
मैचों से निखारा जा रहा है खेल
सप्रे स्कूल में शेरा क्रीड़ा समिति ने प्रदेश का सबसे लंबा ८२ दिनों का फुटबॉल का प्रशिक्षण शिविर लगाया है। इस शिविर में १६६ खिलाडिय़ों ने पंजीयन करवाया था। शिविर में १०० से ज्यादा खिलाड़ी आ भी रहे हैं। कई खिलाड़ी परीक्षाओं के कारण न आ सके तो कई खिलाड़ी घुमने के लिए बाहर चले गए। इस समय प्रशिक्षण शिविर में सुबह और शाम के सत्र में हर वर्ग यानी सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के खिलाडिय़ों का जमावड़ा लग रहा है। खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण देने वाले कोच मुश्ताक अली प्रधान ने बताया कि रविवार का दिन खिलाडिय़ों को दिए गए प्रशिक्षण को परखने वाला होता है। इस दिन ६ टीमें बनाकर मैच करवाए जाते हैं। यह लगातार चौथा रविवार है जिसमें मैच करवाए गए। एक टीम में दो सीनियर, दो जूनियर और दो सब जूनियर खिलाड़ी रखे जाते हैं। इनके बीच होने वाले मैचों की विजेता टीम को सांत्वना के तौर पर १५० रुपए का नगद इनाम दिया जाता है। इसी तरह से उपविजेता टीम को १०० रुपए का इनाम दिया जाता है। श्री प्रधान ने बताया कि मैच होने से खेल में निखार आता है। उन्होंने बताया कि खिलाडिय़ों के खेल में निखार लाने के लिए अब इनको रविवार के दिन भिलाई के साथ आस-पास के शहरों में दूसरी टीमों के साथ मैच खिलाने ले जाएंगे। उन्होंने पूछने पर बताया कि प्रशिक्षण शिविर के अंत में शेरा क्रीड़ा समिति द्वारा ४५ खिलाडिय़ों का चयन किया जएगा जिनको नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा।