राज्य निशानेबाजी के टीम मुकाबलों में विक्रम सिंह सिसोदिया ने स्वर्ण पर निशाना लगाते हुए अपने स्वर्ण पदकों की संख्या दो कर ली है। विजेता खिलाड़ियों को रविवार को पुरस्कार दिए जाएंगे।
माना में चल रही स्पर्धा में स्टैंडर्ड पिस्टल की टीम वर्ग में विक्रम सिंह सिसोदिया, आंनद गोयल और रवीन्द्र सिंह शेडो की टीम ने स्वर्ण जीता। 25 मीटर वर्ग में स्वर्ण रवीन्द्र सिंह शेडो, रजत आनंद गोयल, कांस्य आशीथ नाथ। स्पोर्ट्स पिस्टल 25 मीटर स्वर्ण सुमी गुहा, रजत ज्योति साहू, कांस्य हर्षलीन कौर। एयर पिस्टल में स्वर्ण ज्योति साहू, रजत सुमी गुहा और कांस्य श्रुति यादव ने जीता। प्रदेश संघ के दुर्गेश वशिष्ठ ने बताया कि रायफल के मुकाबलों के बाद रविवार की शाम 4.30 बजे विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
रविवार, 2 अक्टूबर 2011
शनिवार, 1 अक्टूबर 2011
फुटबॉल का घमासान आज से
अंतर स्कूल सीबीएसई फुटबॉल का घमासान राजधानी रायपुर में एक साथ दो स्थानों पर होगा। स्पर्धा का उद्घाटन शुक्रवार को होलीक्रास स्कूल कांपा में खेल सचिव ने किया।
अंडर 19 बालक वर्ग के मुकाबलों की मेजबानी होलीक्रास स्कूल कांपा को मिली है। स्पर्धा में खेलने के लिए मप्र और छत्तीसगढ़ की 37 टीमें आई हैं। स्पर्धा का उद्घाटन करते हुए खेल सचिव सुब्रत साहू ने कहा कि स्कूल स्तर से ही खेलों का आयोजन होने से प्रतिभाओं को सामने आने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही स्कूल से निकलकर आगे ये प्रतिभाएं राज्य और देश का नाम रोशन करेंगी। खेल संचालक जीपी सिंह ने कहा कि सीबीएसई के स्कूलों की स्पर्धाओं का भी अपना महत्व है। अपने राज्य में अक्सर सीबीएसई के खेलों का भी आयोजन होता है। इस बार फुटबॉल के मुकाबले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल के साथ पढ़ाई भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की मेजबानी में जब 37वें राष्ट्रीय खेल होंगे तो जरूर इनमें से भी कुछ खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के दम पर छत्तीसगढ़ की टीम में स्थान बनाने में सफल होंगे।
स्पर्धा में शनिवार से होलीक्रास स्कूल के साथ राजकुमार कॉलेज में भी मुकाबले होंगे। नाकआउट आधार पर 4 अक्टूबर तक चलने वाली स्पर्धा में शनिवार को 12 मैच खेले जाएंगे।
अंडर 19 बालक वर्ग के मुकाबलों की मेजबानी होलीक्रास स्कूल कांपा को मिली है। स्पर्धा में खेलने के लिए मप्र और छत्तीसगढ़ की 37 टीमें आई हैं। स्पर्धा का उद्घाटन करते हुए खेल सचिव सुब्रत साहू ने कहा कि स्कूल स्तर से ही खेलों का आयोजन होने से प्रतिभाओं को सामने आने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही स्कूल से निकलकर आगे ये प्रतिभाएं राज्य और देश का नाम रोशन करेंगी। खेल संचालक जीपी सिंह ने कहा कि सीबीएसई के स्कूलों की स्पर्धाओं का भी अपना महत्व है। अपने राज्य में अक्सर सीबीएसई के खेलों का भी आयोजन होता है। इस बार फुटबॉल के मुकाबले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल के साथ पढ़ाई भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की मेजबानी में जब 37वें राष्ट्रीय खेल होंगे तो जरूर इनमें से भी कुछ खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के दम पर छत्तीसगढ़ की टीम में स्थान बनाने में सफल होंगे।
स्पर्धा में शनिवार से होलीक्रास स्कूल के साथ राजकुमार कॉलेज में भी मुकाबले होंगे। नाकआउट आधार पर 4 अक्टूबर तक चलने वाली स्पर्धा में शनिवार को 12 मैच खेले जाएंगे।
शुक्रवार, 30 सितंबर 2011
सिसोदिया का स्वर्ण पर निशाना
राज्य निशानेबाजी में एक बार फिर से जोरदार खेल दिखाते हुए विक्रम सिंह सिसोदिया ने रिकॉर्ड अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीतने के साथ मावलंकर के लिए पात्रता भी प्राप्त कर ली। पिछले साल भी उन्होंने मावलंकर में खेलने की पात्रता प्राप्त की थी। दो दिनों के मुकाबलों के बाद घोषित परिणामों में पांच खिलाड़ियों को मावलंकर में खेलने की पात्रता मिली है।
माना शूटिंग रेंज में चल रही स्पर्धा के 25 मीटर सेंटर फायर वर्ग में विक्रम सिंह सिसोदिया ने अपने ही पिछले रिकॉर्ड 261 अंकों को पीछे छोड़ते हुए न सिर्फ 269 अंकों का नया रिकॉर्ड अपने नाम किया, बल्कि स्वर्ण भी जीत लिया। इस वर्ग में रवीन्द्र सिंह शेडो 261 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर, आनंद गोयल 252 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इन तीन खिलाड़ियों के साथ चौथे स्थान पर रहे मो. अली चिस्ती को भी मावलंकर में खेलने की पात्रता मिली। उन्होंने 250 अंक बनाए।
स्पर्धा में महिलाओं के वर्ग में एक और रिकॉर्ड सुमी गुहा ने 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में बनाया। उन्होंने 245 अंकों के साथ स्वर्ण जीता और मावलंकर का टिकट भी कटा लिया। दूसरे स्थान पर ज्योति साहू 197 अंक, तीसरे स्थान पर हर्षलीन कौर (187 अंक) रहीं। प्रदेश संघ के सचिव दुर्गेश वशिष्ठ ने बताया कि स्पर्धा में शुक्रवार को स्टैंडर पिस्टल के साथ रायफल वर्ग के मुकाबले होंगे।
माना शूटिंग रेंज में चल रही स्पर्धा के 25 मीटर सेंटर फायर वर्ग में विक्रम सिंह सिसोदिया ने अपने ही पिछले रिकॉर्ड 261 अंकों को पीछे छोड़ते हुए न सिर्फ 269 अंकों का नया रिकॉर्ड अपने नाम किया, बल्कि स्वर्ण भी जीत लिया। इस वर्ग में रवीन्द्र सिंह शेडो 261 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर, आनंद गोयल 252 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इन तीन खिलाड़ियों के साथ चौथे स्थान पर रहे मो. अली चिस्ती को भी मावलंकर में खेलने की पात्रता मिली। उन्होंने 250 अंक बनाए।
स्पर्धा में महिलाओं के वर्ग में एक और रिकॉर्ड सुमी गुहा ने 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में बनाया। उन्होंने 245 अंकों के साथ स्वर्ण जीता और मावलंकर का टिकट भी कटा लिया। दूसरे स्थान पर ज्योति साहू 197 अंक, तीसरे स्थान पर हर्षलीन कौर (187 अंक) रहीं। प्रदेश संघ के सचिव दुर्गेश वशिष्ठ ने बताया कि स्पर्धा में शुक्रवार को स्टैंडर पिस्टल के साथ रायफल वर्ग के मुकाबले होंगे।
मुख्यमंत्री ने दी विजेता टीम को शाबासी
राष्ट्रीय सब जूनियर बास्केटबॉल में रिकॉर्ड 10वीं जीत खिताबी जीत प्राप्त करने वाली छत्तीसगढ़ की टीम को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जीत पर शाबासी दी।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश बास्केटबॉल संघ के सचिव राजेश पटेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की टीम के जीतने के बाद ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया की पहल पर टीम ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने निवास पर टीम के खिलाड़ियों के साथ मुख्य प्रशिक्षक राजेश पटेल, सहायक प्रशिक्षक इकबाल अहमद खान का सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी विक्रम सिंह सिसोदिया, संघ के चेयरमैन एवं खाद्य सचिव, सोनमोनी बोरा आईएएस, खेल संचालक जी पी सिंह उपस्थित थे।
बालिका टीम इस प्रकार है: पी दिव्या (कप्तान), रिया वर्मा, रमी वानखडे, वंदना आर्या, रागनी झा, मनीषा गुर्जर, के राज लक्ष्मी, टी दिव्या सभी बीएसपी, अनामिका लकड़ा सरगुजा जिला, डोवल्लवी साहू, स्वाति साहू राजनांदगाव, ज्योति गुप्ता दुर्ग।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश बास्केटबॉल संघ के सचिव राजेश पटेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की टीम के जीतने के बाद ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया की पहल पर टीम ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने निवास पर टीम के खिलाड़ियों के साथ मुख्य प्रशिक्षक राजेश पटेल, सहायक प्रशिक्षक इकबाल अहमद खान का सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी विक्रम सिंह सिसोदिया, संघ के चेयरमैन एवं खाद्य सचिव, सोनमोनी बोरा आईएएस, खेल संचालक जी पी सिंह उपस्थित थे।
बालिका टीम इस प्रकार है: पी दिव्या (कप्तान), रिया वर्मा, रमी वानखडे, वंदना आर्या, रागनी झा, मनीषा गुर्जर, के राज लक्ष्मी, टी दिव्या सभी बीएसपी, अनामिका लकड़ा सरगुजा जिला, डोवल्लवी साहू, स्वाति साहू राजनांदगाव, ज्योति गुप्ता दुर्ग।
गुरुवार, 29 सितंबर 2011
आयुषी चौहान फाइनल में
अखिल भारतीय टैलेंट सीरिज लॉन टेनिस के सेमीफाइनल में चौथी वरीयता प्राप्त छत्तीसगढ़ की आयुषी चौहान ने शानदार खेल दिखाते हुए शीर्ष वरीयता प्राप्त निकिता साई को मात देकर फाइनल में स्थान बना लिया। अब गुरुवार की सुबह आयुषी की खिताबी भिड़ंत शुभ गुलाटी से होगी। बालक वर्ग में छत्तीसगढ़ की चुनौती सेमीफाइनल में समाप्त हो गई।
यूनियन क्लब में बालिकाओं के अंडर 16 के पहले सेमीफाइनल में आयुषी चौहान ने निकिता को लगी चोट का फायदा उठाते हुए उसे आसानी से 9-2 से मात दी। दूसरे सेमी में दिल्ली की शुभ गुलाटी ने एपी की नंदनी गुप्ता को कड़े मुकाबले में 9-6 से मात दी। अंडर 14 के सेमीफाइनल में निकिता साई ने महाराष्ट्र की राजश्री राठौर को 9-2 और एपी की नंदनी गुप्ता ने महाराष्ट्र की वैभवी देशमुख को 9-5 से हराया। युगल के पहले सेमीफाइनल में आयुषी चौहान और निकिता साई की जोड़ी ने लिखिता और चंदना की जोड़ी को 8-0 और वैभवी और नंदनी गुप्ता की जोड़ी ने शुभ गुलाटी और राजश्री राठौर की जोड़ी को 8-3 से परास्त कर फाइनल में स्थान बनाया।
बालकों के अंडर 14 पहले सेमीफाइनल में एपी के के. शिवदीप ने छत्तीसगढ़ के सार्थक देवरस को 9-1 से मात दी। दूसरे सेमीफाइनल में एपी के अपरूप रेड्डी बिहार के निशांत कुमार को 9-3 से परास्त कर फाइनल में स्थान बनाया। अंडर 16 के पहले सेमीफाइनल में एपी के एन. भोपाल राजू ने अपने ही राज्य के जूड लेंडर को 9-4 से हराया।
प्रदेश संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ क्लब में सुबह 8 बजे से फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्यअतिथि वन मंत्री विक्रम उसेंडी होंगे। विशेष अतिथि एडीजी एवं ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष रामनिवास होंगे।
यूनियन क्लब में बालिकाओं के अंडर 16 के पहले सेमीफाइनल में आयुषी चौहान ने निकिता को लगी चोट का फायदा उठाते हुए उसे आसानी से 9-2 से मात दी। दूसरे सेमी में दिल्ली की शुभ गुलाटी ने एपी की नंदनी गुप्ता को कड़े मुकाबले में 9-6 से मात दी। अंडर 14 के सेमीफाइनल में निकिता साई ने महाराष्ट्र की राजश्री राठौर को 9-2 और एपी की नंदनी गुप्ता ने महाराष्ट्र की वैभवी देशमुख को 9-5 से हराया। युगल के पहले सेमीफाइनल में आयुषी चौहान और निकिता साई की जोड़ी ने लिखिता और चंदना की जोड़ी को 8-0 और वैभवी और नंदनी गुप्ता की जोड़ी ने शुभ गुलाटी और राजश्री राठौर की जोड़ी को 8-3 से परास्त कर फाइनल में स्थान बनाया।
बालकों के अंडर 14 पहले सेमीफाइनल में एपी के के. शिवदीप ने छत्तीसगढ़ के सार्थक देवरस को 9-1 से मात दी। दूसरे सेमीफाइनल में एपी के अपरूप रेड्डी बिहार के निशांत कुमार को 9-3 से परास्त कर फाइनल में स्थान बनाया। अंडर 16 के पहले सेमीफाइनल में एपी के एन. भोपाल राजू ने अपने ही राज्य के जूड लेंडर को 9-4 से हराया।
प्रदेश संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ क्लब में सुबह 8 बजे से फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्यअतिथि वन मंत्री विक्रम उसेंडी होंगे। विशेष अतिथि एडीजी एवं ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष रामनिवास होंगे।
बुधवार, 28 सितंबर 2011
मावलंकर का टिकट पाने जुटे निशानेबाज
राष्ट्रीय निशानेबाजी की पहली सीढ़ी मावलंकर का टिकट पाने के इरादे से प्रदेश के 170 निशानेबाज राज्य स्पर्धा में किस्मत आजमाने माना शूटिंग रेंज में जुटे हैं। पहले दिन उद्घाटन के बाद खिलाड़ियों ने अभ्यास किया। बुधवार से मुकाबले प्रारंभ होंगे।
प्रदेश संघ ने 10वीं राज्य निशानेबाजी का आयोजन माना की नई शूटिंग रेंज में किया है। इस रेंज का निर्माण करीब 50 लाख की लागत से जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड की मदद से किया गया है। स्पर्धा में जूनियर, सीनियर महिला पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों के बीच मुकाबला होना है। स्पर्धा का उद्घाटन करते हुए वन विभाग के मुख्य वन सरंक्षक मुदित कुमार सिंह ने कहा कि यह राज्य के खिलाड़ियों का सौभाग्य है कि उनको इतनी अच्छी शूटिंग रेंज जिंदल कंपनी ने उपलब्ध कराई है। अब यह रेंज मिल गई है तो इसके रखरखाव पर विशेष ध्यान देना होगा। सुविधाएं जुटा तो ली जाती हैं, पर इसका रखरखाव न होने से ही सुविधाएं खराब हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि निशानेबाजी का खेल एकाग्रता का खेल है। पहली गोली ही चलाने में झिझक होती है इसके बाद सब सामान्य हो जाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आर्मी के कमांडर आरपी सिंह ने कहा कि मुझे यहां पर लगा था कि यह पुलिस की रेंज होगी, लेकिन जब मालूम हुआ कि इसका निर्माण प्रदेश संघ ने कराया है, तो सुखद आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा कि आर्मी ने ही देश को राजवर्धन सिंह राठौर जैसा ओलंपियन दिया है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि श्री राठौर को अपना आदर्श मानकर खेले आपको सफलता जरूर मिलेगी।
प्रदेश संघ के सामान्य सचिव राकेश गुप्ता ने बताया कि जिंदल स्टील प्लांट की मदद से ही राज्य में निशानेबाजी का खेल आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश के खिलाड़ियों को किसी भी स्तर पर खेलने भेजने के लिए संघ हमेशा तैयार रहता है।
सचिव और कोच दुर्गेश वशिष्ठ ने बताया कि स्पर्धा में पहले दिन खिलाड़ियों ने शाम तक अभ्यास किया। अब बुधवार को पुरुष वर्ग में एयर पिस्टल, महिला और जूनियर वर्ग में स्पोर्ट्स पिस्टल के साथ एयर रायफल और 50 मीटर रायफल के मुकाबले होंगे।
प्रदेश संघ ने 10वीं राज्य निशानेबाजी का आयोजन माना की नई शूटिंग रेंज में किया है। इस रेंज का निर्माण करीब 50 लाख की लागत से जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड की मदद से किया गया है। स्पर्धा में जूनियर, सीनियर महिला पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों के बीच मुकाबला होना है। स्पर्धा का उद्घाटन करते हुए वन विभाग के मुख्य वन सरंक्षक मुदित कुमार सिंह ने कहा कि यह राज्य के खिलाड़ियों का सौभाग्य है कि उनको इतनी अच्छी शूटिंग रेंज जिंदल कंपनी ने उपलब्ध कराई है। अब यह रेंज मिल गई है तो इसके रखरखाव पर विशेष ध्यान देना होगा। सुविधाएं जुटा तो ली जाती हैं, पर इसका रखरखाव न होने से ही सुविधाएं खराब हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि निशानेबाजी का खेल एकाग्रता का खेल है। पहली गोली ही चलाने में झिझक होती है इसके बाद सब सामान्य हो जाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आर्मी के कमांडर आरपी सिंह ने कहा कि मुझे यहां पर लगा था कि यह पुलिस की रेंज होगी, लेकिन जब मालूम हुआ कि इसका निर्माण प्रदेश संघ ने कराया है, तो सुखद आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा कि आर्मी ने ही देश को राजवर्धन सिंह राठौर जैसा ओलंपियन दिया है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि श्री राठौर को अपना आदर्श मानकर खेले आपको सफलता जरूर मिलेगी।
प्रदेश संघ के सामान्य सचिव राकेश गुप्ता ने बताया कि जिंदल स्टील प्लांट की मदद से ही राज्य में निशानेबाजी का खेल आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश के खिलाड़ियों को किसी भी स्तर पर खेलने भेजने के लिए संघ हमेशा तैयार रहता है।
सचिव और कोच दुर्गेश वशिष्ठ ने बताया कि स्पर्धा में पहले दिन खिलाड़ियों ने शाम तक अभ्यास किया। अब बुधवार को पुरुष वर्ग में एयर पिस्टल, महिला और जूनियर वर्ग में स्पोर्ट्स पिस्टल के साथ एयर रायफल और 50 मीटर रायफल के मुकाबले होंगे।
नेटबॉल-कैरम के मुकाबले रायपुर में
छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले राष्ट्रीय शालेय खेलों के स्थान तय कर दिए गए हैं। राजधानी रायपुर को नेटबॉल के साथ कैरम की मेजबानी मिली है। छत्तीसगढ़ को इस बार दस खेलों की मेजबानी मिली है।
राष्ट्रीय शालेय खेलों की स्कूल शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। स्पधार्ओं के लिए स्थान और तिथि भी निर्धारित हो गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में यहां मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता समिति की बैठक में राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के स्थान तय किए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा सुनील कुमार सहित जिला शिक्षा अधिकारी तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त उपस्थित थे।
छह से 10 नवंबर तक राजनांदगांव में हॉकी (बालक-बालिका) 17 वर्ष, बास्केटबॉल (बालक-बालिका) 14 वर्ष और रस्सीकूद (बालक-बालिका) 19 वर्ष की स्पधार्एं होंगी। दुर्ग में 29 नवंबर से 3 दिसंबर तक हैण्डबॉल (बालक-बालिका) 17 वर्ष, सायकल पोलो (बालक-बालिका) 19 वर्ष और भारोत्तोलन (बालिका) 17 तथा 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों की स्पधार्एं होंगी। राजधानी रायपुर में एक से पांच दिसम्बर तक नेटबॉल (बालक-बालिका) 19 वर्ष और कैरम (बालक-बालिका) 19 वर्ष की प्रतियोगिताएं होंगी। बिलासपुर में सात से 11 दिसंबर तक बेसबॉल (बालक-बालिका) 17 वर्ष और मुंगेली जिला बिलासपुर में 10 से 14 दिसम्बर तक साफ्टबॉल (बालक-बालिका) 19 वर्ष की स्पधार्एं होंगी।
राष्ट्रीय शालेय खेलों की स्कूल शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। स्पधार्ओं के लिए स्थान और तिथि भी निर्धारित हो गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में यहां मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता समिति की बैठक में राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के स्थान तय किए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा सुनील कुमार सहित जिला शिक्षा अधिकारी तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त उपस्थित थे।
छह से 10 नवंबर तक राजनांदगांव में हॉकी (बालक-बालिका) 17 वर्ष, बास्केटबॉल (बालक-बालिका) 14 वर्ष और रस्सीकूद (बालक-बालिका) 19 वर्ष की स्पधार्एं होंगी। दुर्ग में 29 नवंबर से 3 दिसंबर तक हैण्डबॉल (बालक-बालिका) 17 वर्ष, सायकल पोलो (बालक-बालिका) 19 वर्ष और भारोत्तोलन (बालिका) 17 तथा 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों की स्पधार्एं होंगी। राजधानी रायपुर में एक से पांच दिसम्बर तक नेटबॉल (बालक-बालिका) 19 वर्ष और कैरम (बालक-बालिका) 19 वर्ष की प्रतियोगिताएं होंगी। बिलासपुर में सात से 11 दिसंबर तक बेसबॉल (बालक-बालिका) 17 वर्ष और मुंगेली जिला बिलासपुर में 10 से 14 दिसम्बर तक साफ्टबॉल (बालक-बालिका) 19 वर्ष की स्पधार्एं होंगी।
शह और मात का खेल शुरू
अंतर कॉलेज शतरंज में खेलने के लिए महंत कॉलेज में रायपुर सेक्टर के कॉलेजों के खिलाड़ी बहुत ज्यादा संख्या में जुटे हैं। कॉलेज के ज्यादातर खेलों में खिलाड़ियों का टोटा होता है, लेकिन शह और मात का खेल खेलने में कॉलेज के विद्यार्थियों की रुचि ज्यादा है। स्पर्धा का उद्घाटन पंडित रविशंकर विश्व विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर शिव कुमार पांडे ने किया। पहले दिन नाकआउट में एक ही चक्र का मुकाबला हुआ।
महंत कॉलेज में सुबह के ही खिलाड़ियों का जमावड़ा लगा। पुरुष वर्ग में 80 और महिला वर्ग में 28 खिलाड़ी मैदान में है। स्पर्धा में खिलाड़ियों की ज्यादा संख्या को देखते हुए पहले दिन नाकाआउट मुकाबले कराए गए। अब दूसरे दिन बुधवार को तीन चक्रों के मुकाबले होंगे।
स्पर्धा का उद्घाटन करके हुए रविवि के कुलपति शिव कुमार पांडे ने कहा कि शतरंज भारत का सबसे पुराना खेल है। इस खेल को तो जंग के रूप में खेला जाता था। राजा-महाराजा मोहरों के स्थानों पर अपने सिपाही रखकर खेलते थे। शतरंज का खेल पूरी तरह के बौद्धिक खेल है। इस खेल के बुद्धि का विकास होता है। यह रविशंकर विश्व विद्यालय के लिए अच्छा बात है कि बहुत कॉलेजों के छात्र-छात्राओं की रुचि इस खेल में नजर आ रही है। खिलाड़ियों की संख्या बता रही है कि कॉलेज के विद्यार्थी एकाग्रत होकर इस खेल को खेलने में रुचि लेते हैं।
महंत कॉलेज में सुबह के ही खिलाड़ियों का जमावड़ा लगा। पुरुष वर्ग में 80 और महिला वर्ग में 28 खिलाड़ी मैदान में है। स्पर्धा में खिलाड़ियों की ज्यादा संख्या को देखते हुए पहले दिन नाकाआउट मुकाबले कराए गए। अब दूसरे दिन बुधवार को तीन चक्रों के मुकाबले होंगे।
स्पर्धा का उद्घाटन करके हुए रविवि के कुलपति शिव कुमार पांडे ने कहा कि शतरंज भारत का सबसे पुराना खेल है। इस खेल को तो जंग के रूप में खेला जाता था। राजा-महाराजा मोहरों के स्थानों पर अपने सिपाही रखकर खेलते थे। शतरंज का खेल पूरी तरह के बौद्धिक खेल है। इस खेल के बुद्धि का विकास होता है। यह रविशंकर विश्व विद्यालय के लिए अच्छा बात है कि बहुत कॉलेजों के छात्र-छात्राओं की रुचि इस खेल में नजर आ रही है। खिलाड़ियों की संख्या बता रही है कि कॉलेज के विद्यार्थी एकाग्रत होकर इस खेल को खेलने में रुचि लेते हैं।
मंगलवार, 27 सितंबर 2011
संभावित वालीबॉल टीमें तय
राष्ट्रीय मिनी वालीबॉल में खेलने वाली प्रदेश के बालक और बालिकाओं संभावित टीमें घोषित कर दी गई है। इन टीमों का प्रशिक्षण शिविर राजधानी के पुलिस मैदान में सोमवार से प्रारंभ हुआ। शिविर के बाद टीमें चांपा में होने वाली स्पर्धा में खेलने जाएगी।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश संघ के मो. अकरम खान ने बताया कि छत्तीसगढ़ को मिनी राष्ट्रीय स्पर्धा के साथ सीनियर वर्ग की भी मेजबानी मिली है। मिनी स्पर्धा चांपा में 16 से 21 अक्टूबर तक होगी। इसमें खेलने वाली प्रदेश की संभावित टीम का चयन राजधानी में दो दिनों के चयन ट्रायल के बाद किया गया। अब दोनों टीमोें को पुलिस मैदान में एनआईएस कोच हरगुलशन सिंह और स्मृति साव के साथ दिनेश चौधरी और रवीन्द्र बागी प्रशिक्षण दे रहे हैं।
संभावित टीम बालिका वर्ग: काजल, दामिनी मिश्रा (कबीरधाम), ज्योति बंजारे, पंकजनी, अंजली दलाई, महिमा नाग, सुषमा सिखा, प्रिया सिखा, रानी दलाई (दुर्ग), श्रद्धा शर्मा, पूजा वर्मा, निकिता साहू, मुस्कान वर्मा, यामिनी यादव (रायपुर), पूर्णिमा, दिव्या (राजनांदगांव), दीपाली, रीना यादव, मोनिका यादव (धमतरी), मेघा सिंह (कोरबा)।
बालक: मंगल सोढ़ी, महेश पोढयाम, अजय कुमार, संजु कुमार, लुकेश साहू, भूपेन्द्र सिंह, प्रमोद रजक, शुभम रजक (धमतरी), फरजान हुसैन, जितेन्द्र (कबीरधाम), रमन वर्मा, अजय साहू (भिलाई), अमर कुमार, राकेश ध्रुव (बिलासपुर), दशरथ, मुकेश, सुकुल, अंनत (राजनांदगांव), सिद्धार्थ वर्मा, राजदीप, पीयूष ओझा (रायपुर)।
यह जानकारी देते हुए प्रदेश संघ के मो. अकरम खान ने बताया कि छत्तीसगढ़ को मिनी राष्ट्रीय स्पर्धा के साथ सीनियर वर्ग की भी मेजबानी मिली है। मिनी स्पर्धा चांपा में 16 से 21 अक्टूबर तक होगी। इसमें खेलने वाली प्रदेश की संभावित टीम का चयन राजधानी में दो दिनों के चयन ट्रायल के बाद किया गया। अब दोनों टीमोें को पुलिस मैदान में एनआईएस कोच हरगुलशन सिंह और स्मृति साव के साथ दिनेश चौधरी और रवीन्द्र बागी प्रशिक्षण दे रहे हैं।
संभावित टीम बालिका वर्ग: काजल, दामिनी मिश्रा (कबीरधाम), ज्योति बंजारे, पंकजनी, अंजली दलाई, महिमा नाग, सुषमा सिखा, प्रिया सिखा, रानी दलाई (दुर्ग), श्रद्धा शर्मा, पूजा वर्मा, निकिता साहू, मुस्कान वर्मा, यामिनी यादव (रायपुर), पूर्णिमा, दिव्या (राजनांदगांव), दीपाली, रीना यादव, मोनिका यादव (धमतरी), मेघा सिंह (कोरबा)।
बालक: मंगल सोढ़ी, महेश पोढयाम, अजय कुमार, संजु कुमार, लुकेश साहू, भूपेन्द्र सिंह, प्रमोद रजक, शुभम रजक (धमतरी), फरजान हुसैन, जितेन्द्र (कबीरधाम), रमन वर्मा, अजय साहू (भिलाई), अमर कुमार, राकेश ध्रुव (बिलासपुर), दशरथ, मुकेश, सुकुल, अंनत (राजनांदगांव), सिद्धार्थ वर्मा, राजदीप, पीयूष ओझा (रायपुर)।
लेबल:
राष्ट्रीय मिनी वालीबॉल
रविवार, 25 सितंबर 2011
नौकरी मांगी नहीं तो दे कैसे
अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी भारतीय टीम की कप्तान सबा अंजुम द्वारा डीएसपी बनाए जाने की मांग पर गृहमंत्री ननकीराम कंवर का कहना है कि विधिवत तो कोई आवेदन नहीं किया गया है तो नौकरी कैसे दें। आवेदन आने पर मामले को कैबिनेट में रखा जाएगा।
एंटी डोपिंग सेमिनार में मुख्यअतिथि के रूप में आए ननकीराम कंवर ने ये बातें एक सवाल के जवाब में कहीं। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि नौकरी के लिए नियमानुसार आवेदन देना होता है, लेकिन अब तक गृह विभाग के पास ऐसा कोई आवेदन सबा अंजुम का आया ही नहीं है। उन्होंने कहा कि आवेदन आने पर ही विचार किया जाएगा। श्री कंवर ने कहा कि सरकार सबा को नौकरी देने से कहां इंकार कर रही है उनको योग्यता के मुताबिक नौकरी दी जाएगी। जहां तक सबा की डीएसपी पद पर नियुक्ति की मांग है तो इस मामले पर फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया जा सकता है।
यहां यह बताना लाजिमी होगा कि सबा अंजुम ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मिलकर कई बार छत्तीसगढ़ में नौकरी करने की मंशा तो जाहिर की है, पर अब तक उन्होंने कोई आवेदन नहीं किया है। दो दिन पहले ही कोरबा में पत्रकारों से चर्चा करते हुए राज्य में नौकरी न मिलने की बात पर सबा रो पड़ी थीं। सबा को राज्य सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित कर दिया है।
एंटी डोपिंग सेमिनार में मुख्यअतिथि के रूप में आए ननकीराम कंवर ने ये बातें एक सवाल के जवाब में कहीं। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि नौकरी के लिए नियमानुसार आवेदन देना होता है, लेकिन अब तक गृह विभाग के पास ऐसा कोई आवेदन सबा अंजुम का आया ही नहीं है। उन्होंने कहा कि आवेदन आने पर ही विचार किया जाएगा। श्री कंवर ने कहा कि सरकार सबा को नौकरी देने से कहां इंकार कर रही है उनको योग्यता के मुताबिक नौकरी दी जाएगी। जहां तक सबा की डीएसपी पद पर नियुक्ति की मांग है तो इस मामले पर फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया जा सकता है।
यहां यह बताना लाजिमी होगा कि सबा अंजुम ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मिलकर कई बार छत्तीसगढ़ में नौकरी करने की मंशा तो जाहिर की है, पर अब तक उन्होंने कोई आवेदन नहीं किया है। दो दिन पहले ही कोरबा में पत्रकारों से चर्चा करते हुए राज्य में नौकरी न मिलने की बात पर सबा रो पड़ी थीं। सबा को राज्य सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित कर दिया है।
शनिवार, 24 सितंबर 2011
साई सेंटर में स्थान पाने जुटे तीरंदाज
राजधानी रायपुर के साई सेंटर में स्थान पाने के लिए प्रदेश के तीरंदाजों के बीच शुक्रवार को मुकाबला हुआ। इन मुकाबलों के बाद पात्र खिलाड़ियों की सूची भोपाल भेजी जाएगी। सेंटर में रिक्त 11 सीटों के लिए खिलाड़ियों का चयन होगा।
रायपुर के सेंटर में इस माह तीरंदाजी को भी शामिल किया गया है। इसके लिए बोर्डिंग में 20 सीटों तय की गई है। इन सीटों में राजनांदगांव सेंटर से यहां आए 9 खिलाड़ियों को पहले ही रखा गया है। बाकी 11 सीटों के लिए चयन ट्रायल का आयोजन किया गया। इस ट्रायल में बस्तर के दो बालक, पथरिया की 5 बालिकाएं और 7 बालक, सिलतराई के सात बालक, रायपुर के 7 बालक और चार बालिकाओं ने भाग लिया। ट्रायल में शामिल खिलाड़ियों में राष्ट्रीय स्कूली खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली टीम की खिलाड़ी लक्ष्मी बंदे, चांदनी बघेल और पिंकी कोसले भी शामिल हुर्इं। इन खिलाड़ियों ने राजनांदगांव की स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
सेंटर के प्रभारी एसएस भदोरिया ने बताया कि ट्रायल के बाद सूची भोपाल भेज रहे हैं, वहां से पात्रता के आधार पर खिलाड़ियों की अंतिम सूची आते ही खिलाड़ियों को सेंटर में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पात्रता में राष्ट्रीय स्पर्धा में पदक जीतने वालों के साथ राज्य स्पर्धा में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है। खिलाड़ियों का ट्रायल साई की एनआईएस कोच एएस मरसी ने लिया। इस अवसर पर प्रदेश तीरंदाजी संघ के सचिव कैलाश मुरारका के साथ अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।
खेल निखरेगा, पदक जीतेंगे: मुरारका
प्रदेश संघ के कैलाश मुरारका ने कहा कि साई में तीरंदाजी को शामिल करने से यह तय है कि अब प्रदेश के खिलाड़ियों का खेल निखरेगा और हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सकेंगे। उन्होंने कहा कि बहुत समय से हमारी मांग थी कि साई में तीरंदाजी को शामिल किया जाए। संघ ने केन्द्रीय मंत्री अजय माकन को इसके लिए पत्र भी लिखा था।
रायपुर के सेंटर में इस माह तीरंदाजी को भी शामिल किया गया है। इसके लिए बोर्डिंग में 20 सीटों तय की गई है। इन सीटों में राजनांदगांव सेंटर से यहां आए 9 खिलाड़ियों को पहले ही रखा गया है। बाकी 11 सीटों के लिए चयन ट्रायल का आयोजन किया गया। इस ट्रायल में बस्तर के दो बालक, पथरिया की 5 बालिकाएं और 7 बालक, सिलतराई के सात बालक, रायपुर के 7 बालक और चार बालिकाओं ने भाग लिया। ट्रायल में शामिल खिलाड़ियों में राष्ट्रीय स्कूली खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली टीम की खिलाड़ी लक्ष्मी बंदे, चांदनी बघेल और पिंकी कोसले भी शामिल हुर्इं। इन खिलाड़ियों ने राजनांदगांव की स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
सेंटर के प्रभारी एसएस भदोरिया ने बताया कि ट्रायल के बाद सूची भोपाल भेज रहे हैं, वहां से पात्रता के आधार पर खिलाड़ियों की अंतिम सूची आते ही खिलाड़ियों को सेंटर में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पात्रता में राष्ट्रीय स्पर्धा में पदक जीतने वालों के साथ राज्य स्पर्धा में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है। खिलाड़ियों का ट्रायल साई की एनआईएस कोच एएस मरसी ने लिया। इस अवसर पर प्रदेश तीरंदाजी संघ के सचिव कैलाश मुरारका के साथ अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।
खेल निखरेगा, पदक जीतेंगे: मुरारका
प्रदेश संघ के कैलाश मुरारका ने कहा कि साई में तीरंदाजी को शामिल करने से यह तय है कि अब प्रदेश के खिलाड़ियों का खेल निखरेगा और हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सकेंगे। उन्होंने कहा कि बहुत समय से हमारी मांग थी कि साई में तीरंदाजी को शामिल किया जाए। संघ ने केन्द्रीय मंत्री अजय माकन को इसके लिए पत्र भी लिखा था।
पात्रता चक्र मुकाबलों में 44 खिलाड़ी मैदान में
अखिल भारतीय टेलेंट सीरिज लॉन टेनिस में पात्रता चक्र के मुकाबलों में अंडर 14 और 16 में 42 खिलाड़ी मैदान में हंै। इन खिलाड़ियों के बीच शनिवार को सुबह 9.30 बजे से छत्तीसगढ़ क्लब में मुकाबले प्रारंभ होंगे। इन खिलाड़ियों में से दोनों वर्गाे में 8-8 खिलाड़ियों को मुख्य ड्रा में स्थान मिलेगा।
राजधानी में 26 सितंबर से होनी वाली स्पर्धा के पहले होने वाले पात्रता चक्र के मुकाबलों के लिए शुक्रवार को यूनियन क्लब में साइन इन रखा गया था। 12 से 2 बजे तक के समय में अंडर 14 में 20 और अंडर 16 के बालक वर्ग में 22 खिलाड़ियों ने एंट्री दी। जिन खिलाड़ियों ने एंट्री दी उसमें छत्तीसगढ़ के साथ कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, उप्र और दिल्ली के खिलाड़ी शामिल हैं। कई खिलाड़ियों ने ट्रेनों के समय पर रायपुर न पहुंचने के कारण अपनी एंट्री फोन से दी।
प्रदेश संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया ने बताया कि पात्रता चक्र के शनिवार को मुकाबलों के बाद बालक और बालिका वर्ग का 32-32 का ड्रा निकाला जाएगा। 25 सितंबर को मुख्य ड्रा के लिए साइन इन होगा और फिर 26 सिंतबर से मुकाबले होंगे। उन्होंने बताया कि स्पर्धा को मनोरमा ग्रुप ने प्रायोजित किया है। स्पर्धा में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को अच्छी से अच्छी सुविधा देने के प्रयास हैं।
राजधानी में 26 सितंबर से होनी वाली स्पर्धा के पहले होने वाले पात्रता चक्र के मुकाबलों के लिए शुक्रवार को यूनियन क्लब में साइन इन रखा गया था। 12 से 2 बजे तक के समय में अंडर 14 में 20 और अंडर 16 के बालक वर्ग में 22 खिलाड़ियों ने एंट्री दी। जिन खिलाड़ियों ने एंट्री दी उसमें छत्तीसगढ़ के साथ कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, उप्र और दिल्ली के खिलाड़ी शामिल हैं। कई खिलाड़ियों ने ट्रेनों के समय पर रायपुर न पहुंचने के कारण अपनी एंट्री फोन से दी।
प्रदेश संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया ने बताया कि पात्रता चक्र के शनिवार को मुकाबलों के बाद बालक और बालिका वर्ग का 32-32 का ड्रा निकाला जाएगा। 25 सितंबर को मुख्य ड्रा के लिए साइन इन होगा और फिर 26 सिंतबर से मुकाबले होंगे। उन्होंने बताया कि स्पर्धा को मनोरमा ग्रुप ने प्रायोजित किया है। स्पर्धा में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को अच्छी से अच्छी सुविधा देने के प्रयास हैं।
शुक्रवार, 23 सितंबर 2011
अपात्र को पुरस्कार, पात्र बाहर
नकद राशि पुरस्कार में टेनिस बॉल क्रिकेट के अपात्र खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर हमारे थांग-ता के अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले पात्र खिलाड़ियों को बाहर कर दिया गया है। इस आरोप के साथ संघ के अध्यक्ष प्रकाश सिंह ठाकुर ने खेलमंत्री लता उसेंडी के साथ खेल संचालक जीपी सिंह को शिकायती पत्र दिया है। इस पत्र के आधार पर खेल संचालक ने जांच के भी आदेश दे दिए हैं। इतना होने के बाद भी संघ के अध्यक्ष राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक भी अपनी शिकायत पहुंचाने की बात कह रहे हैं।
प्रदेश थांग ता संघ के अध्यक्ष प्रकाश सिंह ठाकुर ने हरिभूमि को बताया कि इस बार खेल विभाग ने नकद राशि पुरस्कार में भेदभाव करते हुए टेनिस बॉल क्रिकेट के 50 से ज्यादा खिलाड़ियों को तो पुरस्कार दे दिया, लेकिन थांग ता के जिन 17 खिलाड़ियों ने पुरस्कार के लिए आवेदन किया था, उनको पात्र नहीं माना। श्री ठाकुर ने आरोप लगाया है कि टेनिस बॉल क्रिकेट को न तो प्रदेश सरकार के खेल विभाग से मान्यता है और न ही केन्द्र सरकार के खेल मंत्रालय से। एक अमान्यता प्राप्त खेल के खिलाड़ियों को तो पुरस्कार दे दिए गए, लेकिन हमारा संघ जो केन्द्रीय खेल मंत्रालय ही नहीं बल्कि भारतीय ओलंपिक संघ के साथ प्रदेश के खेल विभाग से भी मान्यता प्राप्त है, उसके खिलाड़ियों को पुरस्कार नहीं दिया गया। श्री ठाकुर ने इस पूरे मामले की जानकारी खेलमंत्री लता उसेंडी के साथ खेल संचालक जीपी सिंह को दी है। अब श्री ठाकुर कहते हैं कि हमारे संघ का एक प्रतिनिधि मंडल जल्द ही राज्यपाल शेखर दत्त के साथ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मिलेगा और उनको लिखित में खेल विभाग के भेदभाव करने की शिकायत की जाएगी, ताकि भविष्य में खिलाड़ियों के साथ खिलवाड़ न हो सके। उन्होंने बताया कि थांग ता में तीन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 17 से राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं।
इस मामले में खेल संचालक जीपी सिंह का कहना है कि विभाग को शिकायत मिली है, इसकी जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
प्रदेश थांग ता संघ के अध्यक्ष प्रकाश सिंह ठाकुर ने हरिभूमि को बताया कि इस बार खेल विभाग ने नकद राशि पुरस्कार में भेदभाव करते हुए टेनिस बॉल क्रिकेट के 50 से ज्यादा खिलाड़ियों को तो पुरस्कार दे दिया, लेकिन थांग ता के जिन 17 खिलाड़ियों ने पुरस्कार के लिए आवेदन किया था, उनको पात्र नहीं माना। श्री ठाकुर ने आरोप लगाया है कि टेनिस बॉल क्रिकेट को न तो प्रदेश सरकार के खेल विभाग से मान्यता है और न ही केन्द्र सरकार के खेल मंत्रालय से। एक अमान्यता प्राप्त खेल के खिलाड़ियों को तो पुरस्कार दे दिए गए, लेकिन हमारा संघ जो केन्द्रीय खेल मंत्रालय ही नहीं बल्कि भारतीय ओलंपिक संघ के साथ प्रदेश के खेल विभाग से भी मान्यता प्राप्त है, उसके खिलाड़ियों को पुरस्कार नहीं दिया गया। श्री ठाकुर ने इस पूरे मामले की जानकारी खेलमंत्री लता उसेंडी के साथ खेल संचालक जीपी सिंह को दी है। अब श्री ठाकुर कहते हैं कि हमारे संघ का एक प्रतिनिधि मंडल जल्द ही राज्यपाल शेखर दत्त के साथ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मिलेगा और उनको लिखित में खेल विभाग के भेदभाव करने की शिकायत की जाएगी, ताकि भविष्य में खिलाड़ियों के साथ खिलवाड़ न हो सके। उन्होंने बताया कि थांग ता में तीन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 17 से राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं।
इस मामले में खेल संचालक जीपी सिंह का कहना है कि विभाग को शिकायत मिली है, इसकी जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
आइटा टेनिस में आज साइन इन
अखिल भारतीय आइटा टेलेंट सीरिज लॉन टेनिस में शुक्रवार को साइन इन होगा। स्पर्धा में बालक वर्ग में पात्रता चक्र के मुकाबलों की पूरी संभावना है। ये मुकाबले साइन इन के बाद शुक्रवार से यूनियन और छत्तीसगढ़ क्लब में होंगे।
छत्तीसगढ़ लॉन टेनिस संघ द्वारा अंडर 14 और 16 की चैंपियनशिप का आयोजन 26 सितंबर से किया गया है। इसके लिए 23 सितंबर तो यूनियन क्लब में 12 से दो बजे तक साइन इन रखा गया है। इसमें देश भर के खिलाड़ी शामिल होंगे। संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया ने बताया कि बालक वर्ग के अंडर 14 और 16 में करीब 70-70 खिलाड़ियों की एंट्री आ गई है। उन्होंने बताया कि बालक वर्ग में 32 का ड्रा निकाला जाता है। इस ड्रा में 20 खिलाड़ी वरीयता प्राप्त होते हैं, चार खिलाड़ियों को वाइड कार्ड एंट्री दी जाती है, बाकी के 8 खिलाड़ी पात्रता चक्र के मुकाबलों के बाद प्रवेश के पात्र होते हैं। उन्होंने बताया कि 70-70 खिलाड़ियों में 24-24 खिलाड़ी निकालने के बाद आठ स्थानों के लिए करीब 40-40 खिलाड़ियों में मुकाबले की संभावना है। साइन इन में खिलाड़ियों के आने के बाद मालूम होगा कि पात्रता चक्र में कितने खिलाड़ियों के बीच मुकाबला होगा। बालिका वर्ग के बारे में उन्होंने बताया कि इसके किसी भी वर्ग में पात्रता चक्र के मुकाबले नहीं होगें क्योंकि दोनों वर्गा में 25-25 एंट्री ही आई है। बालिका वर्ग में भी 32 का ड्रा निकाला जाता है।
छत्तीसगढ़ लॉन टेनिस संघ द्वारा अंडर 14 और 16 की चैंपियनशिप का आयोजन 26 सितंबर से किया गया है। इसके लिए 23 सितंबर तो यूनियन क्लब में 12 से दो बजे तक साइन इन रखा गया है। इसमें देश भर के खिलाड़ी शामिल होंगे। संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया ने बताया कि बालक वर्ग के अंडर 14 और 16 में करीब 70-70 खिलाड़ियों की एंट्री आ गई है। उन्होंने बताया कि बालक वर्ग में 32 का ड्रा निकाला जाता है। इस ड्रा में 20 खिलाड़ी वरीयता प्राप्त होते हैं, चार खिलाड़ियों को वाइड कार्ड एंट्री दी जाती है, बाकी के 8 खिलाड़ी पात्रता चक्र के मुकाबलों के बाद प्रवेश के पात्र होते हैं। उन्होंने बताया कि 70-70 खिलाड़ियों में 24-24 खिलाड़ी निकालने के बाद आठ स्थानों के लिए करीब 40-40 खिलाड़ियों में मुकाबले की संभावना है। साइन इन में खिलाड़ियों के आने के बाद मालूम होगा कि पात्रता चक्र में कितने खिलाड़ियों के बीच मुकाबला होगा। बालिका वर्ग के बारे में उन्होंने बताया कि इसके किसी भी वर्ग में पात्रता चक्र के मुकाबले नहीं होगें क्योंकि दोनों वर्गा में 25-25 एंट्री ही आई है। बालिका वर्ग में भी 32 का ड्रा निकाला जाता है।
गुरुवार, 22 सितंबर 2011
रायपुर को मिले पांच पदक
राष्ट्रीय साई जूडो चैंपियनशिप में रायपुर सेंटर की दो बालिका खिलाड़ियों के साथ तीन बालकों ने पदक जीते। स्पर्धा में महिला वर्ग की चैंपियनशिप पर सेंट्रल जोन की टीम के कब्जा जमाया।
सेंट्रल जोन टीम की कोच श्रीमती नरेन्द्र कम्बोज ने बताया कि कांजीवली मुंबई में खेली गई स्पर्धा में सेंट्रल जोन से खेलते हुए रायपुर की बालिका खिलाड़ी प्रियंका बाकुरे ने 44 किलो ग्राम वर्ग में कांस्य और अंतरा सारथी ने 48 किलो ग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। इसी के साथ भोपाल की खिलाड़ियों स्नेहा (78 किलो), आकांक्षा (63 किलो), मधु (44 किलो) और सीमा रानी (56 किलो), कुसुम (66 किलो) ने स्वर्ण और दीपांशु ने 48 किलो वर्ग में रजत जीता जिसके कारण टीम चैंपियनशिप पर सेंट्रल जोन का कब्जा रहा। बालकों के वर्ग में रायपुर के लोकेश निर्मलकर ने 78 किलो वर्ग में कांस्य, निखिल कुमार ने 50 किलो वर्ग में रजत और लोकेश्वर साहू ने 56 किलो ग्राम में कांस्य पदक जीता।
सेंट्रल जोन टीम की कोच श्रीमती नरेन्द्र कम्बोज ने बताया कि कांजीवली मुंबई में खेली गई स्पर्धा में सेंट्रल जोन से खेलते हुए रायपुर की बालिका खिलाड़ी प्रियंका बाकुरे ने 44 किलो ग्राम वर्ग में कांस्य और अंतरा सारथी ने 48 किलो ग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। इसी के साथ भोपाल की खिलाड़ियों स्नेहा (78 किलो), आकांक्षा (63 किलो), मधु (44 किलो) और सीमा रानी (56 किलो), कुसुम (66 किलो) ने स्वर्ण और दीपांशु ने 48 किलो वर्ग में रजत जीता जिसके कारण टीम चैंपियनशिप पर सेंट्रल जोन का कब्जा रहा। बालकों के वर्ग में रायपुर के लोकेश निर्मलकर ने 78 किलो वर्ग में कांस्य, निखिल कुमार ने 50 किलो वर्ग में रजत और लोकेश्वर साहू ने 56 किलो ग्राम में कांस्य पदक जीता।
रायपुर की महिला बास्केटबॉल टीम तय
उच्च शिक्षा विभाग की राज्य स्तरीय महिला बास्केटबॉल के लिए रायपुर सेक्टर की महिला टीम चुन ली गई है। यह टीम अम्बिकापुर में होने वाली स्पर्धा में खेलने जाएगी।
यह जानकारी देते हुए विप्र कॉलेज के प्राचार्य मेघेष तिवारी ने बताया कि हमारे कॉलेज की मेजबानी में खेली गई सेक्टर चैंपियनशिप के बाद हुए ट्रायल में टीम का चयन किया गया है। चुनी गई टीम में प्रीति व्यास, निकिता आडिल (विप्र कॉलेज), विभूति ठाकुर, (डिग्री गर्ल्स कॉलेज), अंजू चेलक, दीपशिखा बेक (यूटीडी), पूजा देशमुख (प्रगति कॉले), दीपाली मतेलकर, अमिता मिंज, अनामिका अरोमा, प्रीति सिंह (महंत कॉलेज), एकता सिरके (दुर्गा कॉलेज)। टीम की कोच और मैनेजर शारदा पुरवार हैं। यह टीम अम्बिकापुर रवाना हो गई है। वहां पर 22 सितंबर से मुकाबले होंगे।
यह जानकारी देते हुए विप्र कॉलेज के प्राचार्य मेघेष तिवारी ने बताया कि हमारे कॉलेज की मेजबानी में खेली गई सेक्टर चैंपियनशिप के बाद हुए ट्रायल में टीम का चयन किया गया है। चुनी गई टीम में प्रीति व्यास, निकिता आडिल (विप्र कॉलेज), विभूति ठाकुर, (डिग्री गर्ल्स कॉलेज), अंजू चेलक, दीपशिखा बेक (यूटीडी), पूजा देशमुख (प्रगति कॉले), दीपाली मतेलकर, अमिता मिंज, अनामिका अरोमा, प्रीति सिंह (महंत कॉलेज), एकता सिरके (दुर्गा कॉलेज)। टीम की कोच और मैनेजर शारदा पुरवार हैं। यह टीम अम्बिकापुर रवाना हो गई है। वहां पर 22 सितंबर से मुकाबले होंगे।
छत्तीसगढ़ की पारी से हार
विदर्भ के खिलाफ दूसरे मैच में छत्तीसगढ़ को एक पारी और एक रन से हार का सामना करना पड़ा। नागपुर में चल रहे दूसरे मैच में छत्तीसगढ़ की टीम दूसरी पारी में 227 रन बनाकर आॅल आउट हो गई। हरीत सिंह ने सर्वाधिक 56 रन बनाए। विदर्भ बी की ओर से अक्षय कोहली ने 4 विकेट, भुषण तलमले व गौरव उपाध्याय ने 3-3 विकेट लिए।
दूसरी ओर टीम ए व टीम बी के मध्य मैच में टीम ए पहली पारी में 138 रन बनाकर आॅलआउट हो गई। सर्वाधिक स्कोर पीयुष मौरवी का रहा। टीम बी की ओर से संजीव मिश्रा, अभय कुमार व तीक राज सिंहा ने 3-3 विकेट लिए। दिन का खेल खत्म होने तक टीम बी ने पहली पारी 18 रन 1 विकेट पर बना लिए हैं। विवेक बोरकर 8 रन तथा इयान कोस्टर 2 रन बनाकर खेल रहे हैं।
दूसरी ओर टीम ए व टीम बी के मध्य मैच में टीम ए पहली पारी में 138 रन बनाकर आॅलआउट हो गई। सर्वाधिक स्कोर पीयुष मौरवी का रहा। टीम बी की ओर से संजीव मिश्रा, अभय कुमार व तीक राज सिंहा ने 3-3 विकेट लिए। दिन का खेल खत्म होने तक टीम बी ने पहली पारी 18 रन 1 विकेट पर बना लिए हैं। विवेक बोरकर 8 रन तथा इयान कोस्टर 2 रन बनाकर खेल रहे हैं।
बुधवार, 21 सितंबर 2011
छत्तीसगढ़ को फालोआन
छत्तीसगढ़ क्रिकेट टीम को विदर्भ के खिलाफ दूसरे मैच में फालोआन का सामना करना पड़ा। विदर्भ की पहली पारी के 401 रनों के जवाब में छत्तीसगढ़ की पारी 173 रनों पर ही सिमट गई।
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया ने बताया कि नागपुर में चल रहे दूसरे मैच में छत्तीसगढ़ ने विदर्भ बी के विरूद्ध टॉस जीत कर पहले क्षेत्ररक्षण करने का निर्णय लिया जिसमें विदर्भ बी की टीम पहली पारी में 401 रन बनाकर आल आउट हो गई। जिसमें गौरव उपाध्याय ने सर्वाधिक 87 रन तथा शिव सुन्दर दास ने 60 रन बनाए। छत्तीसगढ़ की ओर से सतनाम सिंह ने 5 विकेट लिए। छत्तीसगढ़ का पहली पारी में 173 रन बनाकर आॅल आउट हो गई। जिसमें सतनाम सिंह ने सर्वाधिक 51 रन बनाये। विदर्भ बी की ओर से गौरव उपाध्याय ने 5 विकेट लिए। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक फ ालोआन खेल रही छत्तीसगढ़ का स्कोर 22 रन बिना को विकेट खोये रहा। दूसरी ओर टीम ए व टीम बी के मध्य मैच वर्षा से प्रभावित रहा टीम ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम ए ने पहली पारी 95 रन 7 विकेट पर बना लिए हैं। जिसमें पीयुष मौरवी सर्वाधिक 16 रन तथा सन्नी दास 4 रन बनाकर खेल रहे हैं।
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया ने बताया कि नागपुर में चल रहे दूसरे मैच में छत्तीसगढ़ ने विदर्भ बी के विरूद्ध टॉस जीत कर पहले क्षेत्ररक्षण करने का निर्णय लिया जिसमें विदर्भ बी की टीम पहली पारी में 401 रन बनाकर आल आउट हो गई। जिसमें गौरव उपाध्याय ने सर्वाधिक 87 रन तथा शिव सुन्दर दास ने 60 रन बनाए। छत्तीसगढ़ की ओर से सतनाम सिंह ने 5 विकेट लिए। छत्तीसगढ़ का पहली पारी में 173 रन बनाकर आॅल आउट हो गई। जिसमें सतनाम सिंह ने सर्वाधिक 51 रन बनाये। विदर्भ बी की ओर से गौरव उपाध्याय ने 5 विकेट लिए। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक फ ालोआन खेल रही छत्तीसगढ़ का स्कोर 22 रन बिना को विकेट खोये रहा। दूसरी ओर टीम ए व टीम बी के मध्य मैच वर्षा से प्रभावित रहा टीम ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम ए ने पहली पारी 95 रन 7 विकेट पर बना लिए हैं। जिसमें पीयुष मौरवी सर्वाधिक 16 रन तथा सन्नी दास 4 रन बनाकर खेल रहे हैं।
खेल संघों से चर्चा करेंगे संचालक
प्रदेश के खेल संघों के सचिवों से खेल संचालक जीपी सिंह उद्योगों से मदद न मिलने के मामले में चर्चा करेंगे। चर्चा में देखा जाएगा कि कहां पर कमी होने के कारण मदद नहीं मिल पा रही है। सारी जानकारी लेने के बाद इससे उद्योग विभाग को अवगत कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पहल पर 13 मार्च को राज्य के 33 खेल संघों को उद्योगों को गोद दिलाने का काम किया गया था। छह माह बाद भी दो खेल संघों को छोड़कर बाकी को अब तक उद्योगों से कोई मदद नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के स्क्वैश संघ को भी कोई मदद नहीं मिल सकी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अब खेल संचालक जीपी सिंह ने खेल संघों के सचिवों से चर्चा करने के लिए बैठक का आयोजन खेल भवन में 28 सितंबर को किया है।
खेल संचालक जीपी सिंह कहते हैं कि संघों से जानकारी ली जाएगी कि उनको मदद क्यों नहीं मिल पा रही है। किस संघ ने इस दिशा में क्या किया है उसकी पूरी जानकारी ली जाएगी। उन्होंने बताया कि संघों से कहा गया था कि संघ को उद्योगों के एक प्रतिनिधि को उपाध्यक्ष बनाना है और साथ ही साल भर की योजना बनाकर देनी है। बिना योजना के मदद मिलना संभव नहीं है, यह पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है। बैठक में देखा जाएगा कि कितने संघों ने योजना बनाकर दी है। उन्होंने कहा कि बैठक में जो भी जानकारी मिलेगी उसको खाद्य विभाग को भेजा जाएगा, ताकि विभाग उद्योगों से बात कर सके।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पहल पर 13 मार्च को राज्य के 33 खेल संघों को उद्योगों को गोद दिलाने का काम किया गया था। छह माह बाद भी दो खेल संघों को छोड़कर बाकी को अब तक उद्योगों से कोई मदद नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के स्क्वैश संघ को भी कोई मदद नहीं मिल सकी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अब खेल संचालक जीपी सिंह ने खेल संघों के सचिवों से चर्चा करने के लिए बैठक का आयोजन खेल भवन में 28 सितंबर को किया है।
खेल संचालक जीपी सिंह कहते हैं कि संघों से जानकारी ली जाएगी कि उनको मदद क्यों नहीं मिल पा रही है। किस संघ ने इस दिशा में क्या किया है उसकी पूरी जानकारी ली जाएगी। उन्होंने बताया कि संघों से कहा गया था कि संघ को उद्योगों के एक प्रतिनिधि को उपाध्यक्ष बनाना है और साथ ही साल भर की योजना बनाकर देनी है। बिना योजना के मदद मिलना संभव नहीं है, यह पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है। बैठक में देखा जाएगा कि कितने संघों ने योजना बनाकर दी है। उन्होंने कहा कि बैठक में जो भी जानकारी मिलेगी उसको खाद्य विभाग को भेजा जाएगा, ताकि विभाग उद्योगों से बात कर सके।
लेबल:
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह
मंगलवार, 20 सितंबर 2011
प्रशिक्षकों को सीधे सामान देने की पहल
37वें राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ी तैयार कराने के लिए खेल विभाग ने अब राज्य के एनआईएस कोच को सीधे खेल सामान देने की पहल प्रारंभ की है। खेल संचालक जीपी सिंह ने सभी खेलों के एनआईएस प्रशिक्षकों की एक बैठक 21 सितंबर को खेल भवन में रखी है। बैठक में प्रस्ताव देने वाले प्रशिक्षकों को सामान दिलाया जाएगा।
खेल संचालक जीपी सिंह ने बताया कि खेल सामान के अभाव में राज्य की प्रतिभाएं दम तोड़ देती हैं। इसकी जानकारी न होने पर विभाग मदद भी नहीं कर पाता है। ऐसे में विभाग ने तय किया है कि अब प्रशिक्षकों को समय-समय पर बुलाकर उनसे पूछा जाएगा कि वे क्या चाहते हैं और उनको किन सामानों की जरूरत है। उनकी जरूरत को पूरा किया जाएगा। पिछली बैठक में शामिल कुछ प्रशिक्षकों ने जो सामान मांगे थे, वो सामान उनको दिए गए। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रदेश के करीब 40 प्रशिक्षक शामिल होंगे। इस बार बैठक में सभी जिलों के जिला खेल अधिकारियों को भी बुलाया गया है। जिला अधिकारियों को इसलिए बुलाया गया है ताकि प्रशिक्षकों को सामान मिलने में विलंब न हो। खेल संचालक ने पूछने पर बताया कि पिछली बैठक के बाद कुछ प्रशिक्षकों से शिकायत मिली कि उनको समय पर सामान नहीं मिल पाया। सामान की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें मिली हैं। ऐसे में जिला खेल अधिकारियों को बुलाकर प्रशिक्षकों के सामने ही निर्देश दिए जाएंगे कि सामान समय पर मिले और किसी भी कीमत पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।
खेल संचालक जीपी सिंह ने बताया कि खेल सामान के अभाव में राज्य की प्रतिभाएं दम तोड़ देती हैं। इसकी जानकारी न होने पर विभाग मदद भी नहीं कर पाता है। ऐसे में विभाग ने तय किया है कि अब प्रशिक्षकों को समय-समय पर बुलाकर उनसे पूछा जाएगा कि वे क्या चाहते हैं और उनको किन सामानों की जरूरत है। उनकी जरूरत को पूरा किया जाएगा। पिछली बैठक में शामिल कुछ प्रशिक्षकों ने जो सामान मांगे थे, वो सामान उनको दिए गए। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रदेश के करीब 40 प्रशिक्षक शामिल होंगे। इस बार बैठक में सभी जिलों के जिला खेल अधिकारियों को भी बुलाया गया है। जिला अधिकारियों को इसलिए बुलाया गया है ताकि प्रशिक्षकों को सामान मिलने में विलंब न हो। खेल संचालक ने पूछने पर बताया कि पिछली बैठक के बाद कुछ प्रशिक्षकों से शिकायत मिली कि उनको समय पर सामान नहीं मिल पाया। सामान की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें मिली हैं। ऐसे में जिला खेल अधिकारियों को बुलाकर प्रशिक्षकों के सामने ही निर्देश दिए जाएंगे कि सामान समय पर मिले और किसी भी कीमत पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।
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