रविवार, 31 मई 2009

लड़के निकले अनाड़ी-लड़कियों ने बाजी मारी

सप्रे स्कूल के मैदान में एक तरफ लड़कों की टीम जोर लगा रही है तो दूसरी तरफ लड़कियों की टीम लगातार हमले करते हुए गोल मारने के प्रयास में जुटी है। लड़कों को लगातार प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिलती है, पर लड़कियां अंत में किसी भी तरह से लड़कों की रक्षापंक्ति को भेदते हुए गोल मारने में सफल हो जाती हैं। इसी के साथ लड़कियों के खेमे में खुशी की लहर दौड़ जाती है। लड़कियां मैच जीतकर उत्साहित हैं कि चलो उनके सामने लड़के अनाड़ी साबित हो गए हैं। इस जीत से उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ जाता है कि जब वे लड़कों की टीम को मात दे सकती हैं तो फिर लड़कियों की टीम से जीतने में क्या परेशानी होगी।

सप्रे स्कूल में इस समय शेरा क्रीड़ा समिति द्वारा फुटबॉल का प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा है। राजधानी का यह एक मात्र ऐसा शिविर है जिसमें खिलाडिय़ों के खेल को निखारने के लिए कई तरह के प्रयोग किए जाते हैं। एक तरफ जहां इस शिविर में लड़कों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ होलीक्रास स्कूल कांपा में लड़कियों को प्रशिक्षण देने का काम एनआईएस कोच सरिता कुजूर कर रही हैं। लड़कियों को प्रशिक्षण देने वाली कोच ने सप्रे स्कूल के कोच मुश्ताक अली प्रधान से चर्चा करके लड़के और लड़कियों के बीच मैच करवाने का फैसला किया ताकि जहां लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ सके। ऐसे में तय किया गया और पहला मैच करवाया गया। इस मैच में आशा के विपरीत जोरदार मुकाबला हुआ। ऐसा लग रहा था कि इस मैच में आसानी से लड़के बाजी मार ले जाएंगे, लेकिन लड़कियों ने बाजी पलट दी और मैच जीत लिया। लड़के मैच में पूरे समय कोशिश करने के बाद भी गोल नहीं कर पाएं, लेकिन लड़कियों से एक गोल करके मैच जीत लिया। इस के साथ लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ा है। अब लड़कों और लड़कियों के बीच हर शुक्रवार को मैच करवाने का फैसला किया गया है। शेरा क्लब खिलाडिय़ों का खेल निखारने के लिए आस-पास की टीमों के साथ मैच करवा रहा है। इसी कड़ी में टीम भिलाई खेलने जा रही है।

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