सोमवार, 22 फ़रवरी 2010

सुनहरी यादें लेकर लौंटी हॉकी इंडिया टीम



भारतीय हॉकी टीम आज शाम को भोपाल के लिए वापस लौट गई। टीम ने दो दिनों के छत्तीसगढ़ प्रवास में बहुत सी सुनहरी यादें अपनी ङाोली में समेटीं। टीम की खिलाड़ी यह कहती हुईं यहां से लौंटी की जब भी छत्तीसगढ़ आने का मौका मिलेगा, हम जरूर आएंगी। पहले दिन खेले गए मैच की थकान मिटाने खिलाडिय़ों ने जहां माई नेम इज खान फिल्म देखी, वहीं शहर भ्रमण भी किया। अब खिलाड़ी भोपाल वापस पहुंच कर फिर से विश्व कप की तैयारी में लग जाएगीं। विश्व कप अगस्त में होगा, इसके पहले टीम को कुछ देशों के साथ टेस्ट मैच खेलने हैं।
वीरेसन सिंधु के साथ हरिभूमि की पहल पर पहली बार छत्तीसगढ़ आई भारतीय हॉकी टीम का दो दिनों का छत्तीसगढ़ प्रवास बहुत ही सुखद रहा। टीम की कप्तान सुरिन्द्रर कौर के साथ छत्तीसगढ़ की सबा अंजुम टीम की स्टार खिलाड़ी ममता खरब, योगिता, सुभद्रा प्रधान, जोयदीप कौर, दीपिका ठाकुर, टीएच रंजीता, रानी देवी, रौशलीन डुंगडुंग, अनुराधा, जसजीत कौर, दीपिका मूर्ति, बिनीता टोपो, इती श्रीवास्तव, मुक्ता बारला, किरणदीप कौर, रितु रानी, सुनीता लकड़ा, चानचन देवी, मोनिका बारला, पूनम रानी के साथ टीम के कोच एमके कौशिक, वासु थपलियाल, फिजियोथेरपिस्ट विशाल धवन ने एक स्वर में कहा हमने सोचा नहीं था कि हमारी टीम को यहां पर इतना ज्यादा सम्मान मिलेगा। इन्होंने कहा कि मैच में राज्यपाल शेखर दत्त के साथ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के साथ खेल मंत्री लता उसेंडी सहित कई मंत्रियों और अफसरों का रहना सुखद रहा। आज सुबह राज्यपाल से हुई मुलाकात को भी इन्होंने यादगार बताते हुए कहा कि उनके यह देखकर बहुत आश्चर्य हुआ कि राज्यपाल खेल के इतने अच्छे जानकार है। इन्होंने कहा कि हम लोगों को उस समय बहुत ज्यादा खुशी होती है जो खेल का जानकार मिलता है। श्री कौशिक ने बताया कि राज्यपाल से उनका बरसों पुराना नाता है।
सभी खिलाडिय़ों ने कहा कि वास्तव में ऐसे समय में हमें वीरसेन सिंधु के साथ हरिभूमि परिवार से छत्तीसगढ़ बुलाकर सम्मानित किया और प्रोत्साहन दिया जिसकी हमें बहुत ज्यादा जरूरत थी। इन्होंने कहा कि इसमें कोई दो मत नहीं है कि इस सम्मान के बाद हम लोगों का मनोबल बढ़ा है और अब हमारी टीम जरूर विश्व कप में कुछ करने के जज्बे के साथ उतरेगी। मैच के बारे में खिलाडिय़ों ने कहा कि एक दोस्ताना मैच में इतनी ज्यादा भीड़ की उम्मीद नहीं थी। पूछने पर खिलाड़ी कहती हैं कि कुछ स्थानों इन्होंने पहले भी दोस्ताना मैच खेले हैं, पर इतनी भीड़ इसके पहले कभी नहीं देखीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब भी छत्तीसगढ़ फिर से आने का मौका मिलेगा हम लोग जरूर आएंगी।


छत्तीसगढ़ की खिलाड़ी अच्छी हैं

टीम की कप्तान ने छत्तीसगढ़ की उन १० खिलाडिय़ों के बारे में कहा कि वास्तव में यहां की खिलाड़ी अच्छी है, अगर इनको अच्छे कोच से प्रशिक्षण मिले और इनको एस्ट्रो टर्फ की सुविधा मिल जाए तो छत्तीसगढ़ की एक नहीं कई खिलाड़ी भारतीय टीम में स्थान बना सकती है। उन्होंने कहा कि यहां की खिलाडिय़ों को सुविधाएं दिलाने का काम सरकार को करना चाहिए।

1 टिप्पणी:

Udan Tashtari ने कहा…

बढ़िया//आभार जानकारी देते रहने का/

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